चंडीगढ़, 24 जून (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वीडियो विवाद के बीच बुधवार को इन आरोपों को खारिज कर दिया कि उन्हें ‘क्लीन चिट’ देने वाली फोरेंसिक रिपोर्ट फर्जी थीं। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे उन्हें बदनाम करने के लिए एकजुट हो गए हैं।
मान की यह टिप्पणी हरियाणा पुलिस द्वारा दो लोगों को गिरफ्तार किए जाने के एक दिन बाद आई है। इन लोगों की गिरफ्तारी उनसे जुड़े विवाद से संबंधित एक वायरल वीडियो के मामले में कथित तौर पर फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट हासिल करने की शिकायत पर की गई थी।
एक वीडियो संदेश में आम आदमी पार्टी के नेता ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उनके फर्जी वीडियो जारी किए जा रहे हैं। कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘जब उन्हें कुछ नहीं मिला तो वे मुझे धार्मिक मोर्चे पर बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।’
उन्होंने अपनी बात दोहराई कि कथित आपत्तिजनक वीडियो में वह नहीं थे; उनका कहना है कि क्लिप में दिखने वाले व्यक्ति की लंबाई और शारीरिक बनावट उनसे मेल नहीं खाती।
उन्होंने कहा, ‘उस वीडियो को वायरल करके मुझे दोषी ठहराया गया।’
मान ने कहा कि उन्हें कई लोगों के फोन आए, जिन्हें यकीन है कि यह एक फर्जी वीडियो था।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कथित वीडियो की फोरेंसिक जांच हो चुकी है। गुरुग्राम पुलिस की कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘भाजपा ने अब इन फोरेंसिक लैब के मालिकों पर हमला किया है।’
मान ने आरोप लगाया कि वे लैब मालिकों को प्राथमिकी दर्ज कर, डरा-धमकाकर और उन्हें प्रताड़ित करके उनसे यह बयान लेना चाहते हैं कि फर्जी रिपोर्ट तैयार करने के लिए पैसे लिए गए थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा उन्हें बदनाम करने के एकमात्र मकसद से एक साथ आ गए हैं। उन्होंने कहा कि अब उन्होंने (विपक्ष ने) धर्म के नाम पर उन्हें बदनाम करने का फैसला किया है और हर दिन उनके सोशल मीडिया हैंडल पर उनके (मान के) फर्जी वीडियो जारी किए जा रहे हैं।
हरियाणा पुलिस ने मंगलवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी एक व्यक्ति की शिकायत पर मामला दर्ज करने के बाद की गई, जिसने आरोप लगाया था कि पंजाब के मुख्यमंत्री से जुड़े विवाद वाले एक वायरल वीडियो की फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट हासिल करने के लिए उससे संपर्क किया गया था।
यह घटनाक्रम एक कथित आपत्तिजनक वीडियो से मचे राजनीतिक बवाल के बीच हुआ, जिसे लेकर सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने 15 जून को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ एक आदेश जारी किया था।
यह आदेश अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गडगज के उस दावे के बाद आया, जिसमें कहा गया था कि दो फोरेंसिक प्रयोगशालाओं ने उस वीडियो को ‘असली’ पाया है, जिसमें कथित तौर पर मान जैसा दिखने वाला एक व्यक्ति नजर आ रहा है।
मान पहले ही इस वीडियो को खारिज कर चुके हैं और इसे उन्हें बदनाम करने के मकसद से फैलाया गया ‘झूठा विमर्श’ बता चुके हैं।
भाषा शुभम मनीषा
मनीषा