असम में एकजुट विपक्ष ने एसआर के जरिये ‘वोट चोरी’ का विरोध किया

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असम में एकजुट विपक्ष ने एसआर के जरिये ‘वोट चोरी’ का विरोध किया

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  • Publish Date - January 31, 2026 / 01:09 AM IST,
    Updated On - January 31, 2026 / 01:09 AM IST

गुवाहाटी, 30 जनवरी (भाषा) असम में शुक्रवार को एकजुट विपक्ष ने विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण (एसआर) के जरिये ‘वोट चोरी’ के खिलाफ प्रदर्शन किया। विपक्ष ने मसौदा मतदाता सूची के प्रकाशन में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का भी आरोप लगाया।

गुवाहाटी के चाचल में बड़ी संख्या में कई विपक्षी दलों के कार्यकर्ता एकत्र हुए और मुख्यमंत्री हिमंत वि‍श्व शर्मा के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार तथा निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व में असम में “चोरों और लुटेरों” की सरकार चल रही है। उन्होंने लोगों से 2026 में भाजपा सरकार को निर्णायक रूप से सत्ता से बेदखल करने का आग्रह किया।

गोगोई ने कहा, “हिमंत सरकार का पतन अब अपरिहार्य है। जिस दिन भाजपा सरकार सत्ता से हटेगी, हिमंत विश्व शर्मा को जेल जाना ही पड़ेगा।”

उन्होंने हिमंत पर लोकतांत्रिक मूल्यों को नष्ट करके और निर्वाचन आयोग का दुरुपयोग करके लोगों का मताधिकार छीनने का प्रयास करने का आरोप लगाया।

गोगोई ने कहा, “विपक्ष ‘वोट चोरी’ के खिलाफ एकजुट हो गया है। हमारी एकता देखकर जनता में हौसला आया है। लोग अब कह रहे हैं कि उन्हें हिमंत विश्व शर्मा से डर नहीं लगता। हम उनसे सवाल करेंगे – हिमंत विश्व शर्मा कौन हैं? एक लोकतांत्रिक देश में जनता से बढ़कर कोई नहीं होता।”

असम जातीय परिषद के अध्यक्ष लुरिंज्योति गोगोई ने कहा कि भाजपा को किसी भी परिस्थिति में असम में ‘वोट चोरी’ नहीं करने दिया जाएगा।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के प्रदेश सचिव सुप्रकाश तालुकदार ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने का प्रयास कर रही है। उन्होंने हिमंत सरकार को सत्ता से बेदखल करने का आह्वान किया।

भाषा पारुल अमित

अमित