तिरुवनंतपुरम, एक फरवरी (भाषा) केंद्रीय बजट में केरल के लिए कोई बड़ी घोषणा न होने को लेकर आलोचना का सामना कर रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को इसका दोष राज्य सरकार पर मढ़ा और उस पर केंद्र द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं को लागू करने में विफलता का आरोप लगाया।
भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने बजट के बाद संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने भारत को एक कमजोर अर्थव्यवस्था से उठाकर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना दिया है और यह बजट मध्यम एवं दीर्घकालिक रणनीतियों को दर्शाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने पिछले 11 बजट में केरल के लिए कई परियोजनाओं की घोषणा की थी लेकिन राज्य सरकार ने उनमें से किसी को भी लागू नहीं किया।
चंद्रशेखर ने प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि केरल को कुछ नहीं दिए जाने का दावा करने वाली वामपंथी सरकार को पहले उन परियोजनाओं को लागू करना चाहिए जिन्हें पहले मंजूर किया जा चुका है।
उन्होंने कहा, ‘‘2017 में कहा गया था कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) या तो (तमिलनाडु के) मदुरै को या केरल को दिया जाएगा लेकिन भूमि अधिग्रहण पूरा नहीं हुआ।’’
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को उपेक्षा का आरोप लगाना बंद करना चाहिए और परियोजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सवालों का जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘केरल में नयी परियोजनाएं शुरू करने और विकास हासिल करने के लिए राज्य में राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार का होना जरूरी है। अगर ‘डबल इंजन’ वाली सरकार आती है, तो कुशासन एवं अक्षमता दूर हो जाएगी और विकास गतिविधियां शुरू हो जाएंगी।’’
जब संवाददाताओं ने कहा कि एम्स के लिए भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है और ‘मेट्रोमैन’ ई. श्रीधरन मंगलवार को उच्च गति रेल परियोजना के लिए एक कार्यालय खोलने वाले हैं, तो चंद्रशेखर ने कहा कि बजट में कृषि और विनिर्माण में युवाओं के लिए कई कार्यक्रम हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ये अखिल भारतीय योजनाएं हैं, लेकिन राज्य सरकार में इन्हें लागू करने की क्षमता होनी चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार नारेबाजी के बजाय प्रदर्शन में विश्वास करती है।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत 11 साल पहले कहां था और आज कहां है, यह इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।’’
चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा पिछले 10 वर्ष में केरल में हुए विकास पर मुख्यमंत्री के साथ बहस के लिए तैयार है।
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सिम्मी प्रशांत
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