Defence Budget 2026 || Image- Image- IBC24 News File
Defence Budget 2026: नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज आम बजट पेश कर दिया है। अलग अलग क्षेत्रों के लिए किये गये बड़े ऐलान की बीच उन्होंने सबसे अहम डिफेन्स सेक्टर के लिए 5.95 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत परिव्यय का ऐलान किया है। यह ऐलान पिछले वर्ष के बजट में दिए गए 4.92 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने बताया कि कुल पूंजीगत परिव्यय में पिछले वर्ष के आवंटन की तुलना में लगभग 22% की वृद्धि हुई है, जबकि आधुनिकीकरण के लिए बजट में अकेले 24% की वृद्धि की गई है।
रक्षा सूत्रों की माने तो इस बार रक्षा मंत्रालय 20% की वृद्धि चाहता था। इस नई बढ़ोतरी का उद्देश्य ऑपरेशन सिंदूर के बाद लंबी दूरी की मारक क्षमता, सैन्य विमानों, मिसाइलों और सशस्त्र ड्रोनों को बढ़ाना बढ़ाना भी उनके लक्ष्यों में शामिल था। वही रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों का मानना है कि बजट में दिए गए प्रोत्साहन से सशस्त्र बलों और उपकरणों के आधुनिकीकरण में उनकी क्षमता बढ़ेगी। सूत्रों ने बताया कि राफेल लड़ाकू विमानों, पनडुब्बियों और मानवरहित हवाई वाहनों से जुड़ी कई परियोजनाएं विचाराधीन हैं।
Defence Budget 2026: वित्त वर्ष 2026 में रक्षा मंत्रालय के पूंजीगत व्यय के लिए बजट 1.8 लाख करोड़ रुपये था। पूंजीगत व्यय आवंटन में विमान और एयरो इंजन के लिए 63,733 करोड़ रुपये शामिल हैं। 2025-26 में सरकार ने रक्षा बजट के लिए 6.8 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए थे। पूंजीगत व्यय 1.8 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था , जो संशोधित अनुमानों में बढ़कर 1.87 करोड़ रुपये हो गया।
वित्त मंत्री ने रविवार को अपने बजट भाषण में कहा, “रक्षा क्षेत्र की इकाइयों द्वारा रखरखाव, मरम्मत या ओवरहाल की आवश्यकताओं के लिए उपयोग किए जाने वाले विमान के पुर्जों के निर्माण के लिए आयातित कच्चे माल पर मूल सीमा शुल्क से छूट देने का प्रस्ताव है।” उन्होंने नागरिक, प्रशिक्षण और अन्य विमानों के निर्माण के लिए आवश्यक घटकों और पुर्जों पर मूल सीमा शुल्क में छूट की भी घोषणा की।
सरकार ने छोटे करदाताओं और निवेशकों को राहत देते हुए इनकम टैक्स प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई बड़े फैसलों का ऐलान किया है। इन बदलावों का मकसद टैक्स अनुपालन को सरल बनाना और करदाताओं की परेशानियां कम करना है।
अब कम या शून्य TDS सर्टिफिकेट के लिए करदाताओं को असेसिंग ऑफिसर के पास आवेदन देने की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए एक ऑटोमैटिक, रूल-बेस्ड सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे छोटे करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी और टैक्स प्रक्रिया और सरल होगी।
Defence Budget 2026: निवेशकों के लिए डिपॉजिटरी अब Form 15G और Form 15H स्वीकार करेंगी। ये फॉर्म सीधे संबंधित कंपनियों को भेजे जाएंगे। इससे उन निवेशकों को खास फायदा होगा, जिनके पास कई कंपनियों की सिक्योरिटीज़ हैं और जिन्हें बार-बार फॉर्म जमा करने की जरूरत पड़ती थी।
सरकार ने घोषणा की है कि नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए सरकार ने नॉन-डेट रिसीट्स ₹36.5 लाख करोड़ और नेट टैक्स रिसीट्स ₹28.7 लाख करोड़ का अनुमान रखा है।
Defence Budget 2026: वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण के दौरान बताया कि, रेशम ऊन और जूट से जुड़े फाइबरों में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना लाई जाएगी। पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकर के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना आएगी। बुनकरों और कारीगरों की मदद के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम लाए जाएंगे।
वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी और परिधाओं को बढ़ावा देने के लिए टैक्स-इको पहल उनकी योजनाओं में शामिल है। इसी तरह वस्त्र कौशल परिवेश के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए समर्थ 2.0 का एलान भी किया गया है जबकि मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव भी बजट में शामिल किया गया है।
इसी तरह सरकार ने महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा है। उन्होंने बताया कि, देश में हथकरघा उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने की जरूरत है। यह प्रशिक्षण कौशल और उत्पादन गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा साथ ही योजना से एक जिला-एक उत्पाद पहल और ग्रामीण युवाओं को लाभ मिलेगा।
इसी तरह वित्तमंत्री ने बड़ा करते हुए देश के तीन राज्य छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल को बड़ी सौगात दी है। वित्तमंत्री ने इन तीनो ही राज्यों के लिए खनन गलियारे का ऐलान किया है।
Defence Budget 2026: यहां पहले से तीन रेल कॉरिडोर का काम चल रहा है। जो मुख्यतः खनिजों के परिवहन को ध्यान रखकर ही बनाए हुए हैं। इस 458 किलोमीटर के कॉरिडोर को माइनिंग कॉरिडोर सपोर्ट करेगा। इसमें जो सबसे नयी और महत्वपूर्ण बात है वह है कि रायपुर-विशाखापट्टनम में अभी जो 6 लेन इकॉनामिक कॉरिडोर बना है, उससे दंतेवाड़ा-कांकेर और कांकेर से लगी राजनांदगांव जिले की खदानों से आयरन ओर विशाखापट्टनम बंदरगाह तक पहुंचाया जाएगा। प्रारंभिक तौर पर इस माइनिंग कॉरिडोर में शामिल होने वाले जिले होंगे, कोरबा, रायगढ़, सरगुजा, कोरिया ( यहां कोयले का सबसे बड़ा भंडार और गेवरा-कुसमुंडा जैसी दुनिया की बड़ी खदानें हैं) आयरन ओऱ के भंडार वाले जिले कांकेर, दंतेवाड़ा और राजनांदगांव दंतेवाड़ा में बैलाडीला जैसी बड़ी खदान स्थित है।
निर्मला सीतारमण ने हेल्थ और मेडिकल सेक्टर के लिए कई बड़े ऐलान किये है। वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि कैंसर से जुड़ी 17 दवाओं में छूट दी जाएगी। इसी तरह सात और जो दुर्लभ बीमारियों की दवाओं में, खास मेडिकल पर्पज के लिए उसके आयात में छूट मिलेगी।
इसी तरह हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बजट में सीतारमण ने 3 नए आयुर्वेदिक एम्स बनाने की घोषणा की। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हास्पीटिलिटी की स्थापना भी होगी। सीतारमण ने बजट में 5 क्षेत्रिय मेडिकल हब बनाने का भी एलान किया। उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा कि बायो फॉर्मा के लिए 10 हजार करोड़ दिए जाएंगे। लोगों को शूगर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए सस्ती दवाएं देंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि बुजुर्गों की देखभाल के लिए मेडिकल सहायता देंगे। डेढ़ लाख सेवाकर्ताओं की बहाली होगी। उन्होंने मेडिकल वैल्यू टूरिज्म के लिए खास स्कीम का भी ऐलान किया।