बजट में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण से मिले हर्जाने को आयकर मुक्त करने का प्रस्ताव

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बजट में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण से मिले हर्जाने को आयकर मुक्त करने का प्रस्ताव

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  • Publish Date - February 1, 2026 / 04:51 PM IST,
    Updated On - February 1, 2026 / 04:51 PM IST

नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को आम बजट 2026-27 में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) द्वारा दिए जाने वाले हर्जाने को आयकर से मुक्त करने का प्रस्ताव रखा।

बजट दस्तावेज के अनुसार, मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के तहत न्यायाधिकरण किसी व्यक्ति या उसके कानूनी उत्तराधिकारी को मृत्यु, स्थायी विकलांगता या किसी शारीरिक चोट के कारण मुआवजा और उस पर ब्याज देने का आदेश दे सकता है।

दस्तावेज में कहा गया कि ऐसे हादसों के शिकार लोगों और उनके परिवारों की पीड़ा को कम करने के लिए उक्त अनुसूची में संशोधन का प्रस्ताव है। इसके तहत मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अंतर्गत ब्याज के रूप में प्राप्त होने वाली किसी भी आय पर व्यक्ति या उसके कानूनी उत्तराधिकारी को छूट दी जाएगी

यह संशोधन एक अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा और तदनुसार कर वर्ष 2026-27 तथा उसके बाद के कर वर्षों के संबंध में लागू होगा।

इसमें यह भी कहा गया कि मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा किसी व्यक्ति को दी गई मुआवजे की राशि पर मिलने वाले ब्याज के संबंध में स्रोत पर कोई कर कटौती नहीं की जाएगी।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय