नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) लोकसभा में बुधवार को कांग्रेस की एक सांसद ने गुजरात में 1,800 से अधिक गौशाला होने का उल्लेख करते हुए दावा किया कि सरकार इनके लिए कोई सहायता नहीं दे रही है और उन्होंने हर गाय के लिए राशि देने की मांग की।
कांग्रेस की गनिबेन ठाकोर ने वर्ष 2026-27 के लिए कृषि मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदान की मांगों पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि उनकी पार्टी गाय को ‘‘राज्य माता’’ घोषित करने के लिए गुजरात विधानसभा में एक निजी विधेयक लेकर आई है, लेकिन भाजपा इस संबंध में चर्चा करने को तैयार नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘वे (भाजपा) केवल गाय के नाम पर वोट मांगते हैं लेकिन गायों के लिए कोई भी सहायता देने को तैयार नहीं हैं।’’
बनासकांठा से कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘‘गुजरात में 1,800 से अधिक गौशाला हैं, और 200 से अधिक गौशाला केवल बनासकांठा में हैं, लेकिन इनके लिए कोई भी सहायता सरकार नहीं दे रही है।’’ उन्होंने हर गाय की देखभाल के लिए 100 रुपये दिये जाने की मांग की।
उन्होंने गुजरात में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बोर्ड (नाबार्ड) के जरिये मूंगफली की खरीद में घोटाला होने का दावा करते हुए कहा कि जिन किसानों ने इसकी खेती भी नहीं की थी, उनसे भी इसकी खरीद की गई है और इस तरह करोड़ों रुपये का घोटाला किया जा रहा है।
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की हरसिरमत कौर ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि केंद्रीय बजट में, 2019 में कृषि का हिस्सा 5.5 प्रतिशत था जो अब 2026 में आधा रह गया है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे में किसानों की आय दोगुनी कैसे होगी?
उन्होंने कहा कि 2025 में पंजाब में बाढ़ आई थी तो सरकार ने वहां बाढ़ पर्यटन किया और 20 मंत्री दौरे पर गए थे।
शिअद सांसद ने दावा किया कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) में 12,500 करोड़ रुपये दिये गए थे, लेकिन बाढ़ प्रभावितों को एक पैसा नहीं मिला।
कांग्रेस की संजना जाटव ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी गारंटी देने और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि छह हजार रुपये से बढ़ा कर 12 हजार रुपये करने की मांग की।
कांग्रेस के ही रवींद्र चौहान ने दावा किया कि महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में फसल बीमा एक बड़ा घोटाला बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि (फसल बीमा) दावे के भुगतान के समय निजी कंपनियां तकनीकी बहाने बनाकर हाथ खड़े कर देती हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि को तुरंत बढ़ाकर 12,000 रुपये करने की मांग की।
वहीं, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के हनुमान बेनीवाल ने किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाने की मांग की। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में फसल बीमा योजना के कार्यान्वयन में घोटाला होने का आरोप लगाते हुए उसकी जांच कराने की मांग की।
आजाद समाज पार्टी (कांशी राम) के चंद्रशेखर ने भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि को बढ़ाने की मांग की।
निर्दलीय सदस्य राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने चर्चा में भाग लेते हुए कोसी-मेची लिंक परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग की।
उन्होंने फसल बीमा को शत-प्रतिशत पारदर्शी और समयबद्ध बनाये जाने की भी मांग की।
निर्दलीय सदस्य उमेशभाई बाबूभाई पटेल ने इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद, एक निजी कंपनी द्वारा उनके निर्वाचन क्षेत्र में मछुआरों को डीजल की आपूर्ति बंद किये जाने का मुद्दा उठाया और इसे तत्काल प्रभाव से बहाल करने की मांग की।
समाजवादी पार्टी के हरेंद्र सिंह मलिक ने केंद्रीय बजट का केवल 2.7 प्रतिशत कृषि बजट के रूप में दिये जाने पर चिंता जताई।
उन्होंने दावा किया कि उवर्रक और बीज नकली मिल रहे हैं और सरकार को इनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करनी चाहिए।
निर्दलीय सदस्य मोहम्मद हनीफा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण लद्दाख के एक बड़े हिस्से में सूखे जैसे हालात हैं। उन्होंने कहा कि लद्दाख में उपजने वाले सेब की अंतराष्ट्रीय बाजार में काफी मांग है, लेकिन सिंचाई की कमी के कारण इसकी बागवानी बढ़ नहीं पा रही।
उन्होंने लद्दाख में फसल बीमा योजना जल्द लागू करने की मांग की।
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