कोलकाता अस्पताल में ‘दुर्लभ शारीरिक स्थिति’ वाले मरीज को पेसमेकर लगाया गया

Ads

कोलकाता अस्पताल में 'दुर्लभ शारीरिक स्थिति' वाले मरीज को पेसमेकर लगाया गया

  •  
  • Publish Date - March 3, 2026 / 07:03 PM IST,
    Updated On - March 3, 2026 / 07:03 PM IST

कोलकाता, तीन मार्च (भाषा) कोलकाता के एक अस्पताल में चिकित्सकों ने दुर्लभ शारीरिक स्थिति वाली 62-वर्षीय एक महिला में सफलतापूर्वक स्थायी पेसमेकर लगाया।

महिला ‘कृत्रिम बाईकैवल वाल्व’ समस्या से पीड़ित थी। यह ऐसी दुर्लभ शारीरिक स्थिति होती है जिसे विश्व चिकित्सा इतिहास में इससे पहले केवल एक बार ही देखा गया है।

शहर के मुकुंदपुर इलाके के मणिपाल अस्पताल के पदाधिकारियों ने कहा कि यह देश में ऐसा पहला मामला है और विश्व स्तर पर केवल दूसरा मामला।

अस्पताल के कार्डियोलॉजी सीनियर कंसल्टेंट एवं कैथ लैब निदेशक, डॉ. सौम्या पात्रा ने पिछले महीने यह सर्जरी डॉ. सुभाशीष देब और टीम के अन्य सदस्यों के सहयोग से की।

अधिकारी ने बताया कि दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर की निवासी श्यामली बिस्वास को गंभीर हृदय रोग का लंबा इतिहास रहा है।

डॉ. पात्रा ने कहा कि 2023 में उनका प्राकृतिक वाल्व गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने के बाद वेल्लोर में ‘त्रिकल्पी (ट्राइकसपिड) हृदय वाल्व प्रतिस्थापन’ सर्जरी हुई थी।

इस साल की शुरुआत में, बुजुर्ग महिला को ‘‘कम्प्लीट हार्ट ब्लॉक’’ हो गया, जो एक गंभीर स्थिति है, जिसमें हृदय में खराब इलेक्ट्रिकल सिग्नल्स के कारण दिल बहुत धीरे धड़कने लगता है। इसके चलते उन्हें दो फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने तुरंत स्थायी पेसमेकर लगाने की सलाह दी थी।

डॉ. पात्रा ने कहा कि कृत्रिम बाईकैवल वाल्व सिस्टम ‘‘हृदय की सामान्य संरचना को पूरी तरह बदल देता है’’।

श्यामली की बेटी नबामिता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उनके परिवार को उनकी मां की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर बेहद चिंता थी, खासकर इसलिए कि उन्होंने पहले ही 2023 में एक बड़ी सर्जरी करवाई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरी मां को वर्तमान में खास चिकित्सा उपकरण के सहारे रखा गया है और वह नियमित चिकित्सीय निगरानी में हैं, और हमें उम्मीद है कि वह बहुत जल्द सामान्य जीवन में लौटेंगी।’’

भाषा सुरेश नरेश

नरेश