पाकिस्तान का अमेरिकी दूतावास प्रभारी को तलब करना दो देशों का मामला : उमर अब्दुल्ला

पाकिस्तान का अमेरिकी दूतावास प्रभारी को तलब करना दो देशों का मामला : उमर अब्दुल्ला

पाकिस्तान का अमेरिकी दूतावास प्रभारी को तलब करना दो देशों का मामला : उमर अब्दुल्ला
Modified Date: August 20, 2026 / 07:39 pm IST
Published Date: August 20, 2026 7:39 pm IST

श्रीनगर, 20 अगस्त (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की टिप्पणियों के बाद पाकिस्तान द्वारा इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास प्रभारी नताली बेकर को तलब करना दोनों देशों के बीच का मामला है।

पाकिस्तान ने बुधवार को अमेरिकी दूतावास प्रभारी को तलब किया और केंद्र शासित प्रदेश के दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर को लेकर गोर की टिप्पणियों पर ‘कड़ा ऐतराज’ जताया।

गोर ने श्रीनगर दौरे के दौरान कहा था कि जम्मू-कश्मीर भारत का एक अहम हिस्सा है और अमेरिका केंद्र शासित प्रदेश की यात्रा को लेकर अपने नागरिकों के लिए जारी परामर्श पर पुनर्विचार करेगा क्योंकि केंद्र सरकार और उमर अब्दुल्ला ने इसे सुरक्षित जगह बनाने के लिए कदम उठाए हैं।

उमर ने संवाददाताओं द्वारा पाकिस्तान के विरोध के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘यह (आपत्ति पत्र) पाकिस्तान और अमेरिका के बीच का मामला है। न तो आप और न ही मैं इसमें कुछ कर सकते हैं। अमेरिका के (भारत में) राजदूत ने जो कुछ भी कहा है, वह कह चुके हैं। अब यह उन दोनों देशों के बीच की बात है।’’

मुख्यमंत्री ने अपने गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के साथ जुबानी जंग में शामिल होने से भी इनकार कर दिया। कांग्रेस का कहना था कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, इसलिए इस मामले में किसी तीसरे पक्ष का दखल नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस मामले में नहीं पड़ना चाहता। कांग्रेस का अपना नजरिया है। वह एक राजनीतिक और सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है। उनका अपना नजरिया है और उन्हें ऐसा सोचने का हक है। मैं इस पर कोई बहस या तू-तू-मैं-मैं नहीं पड़ना चाहता। मैं इस पर क्या कह सकता हूं?।’’

अगले महीने प्रस्तावित कश्मीर अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में बॉलीवुड या हॉलीवुड की किसी बड़ी हस्ती के शामिल होने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महोत्सव का उद्देश्य स्थानीय दर्शकों को अलग-अलग तरह की फिल्में दिखाना है।

उन्होंने कहा, ‘‘हॉलीवुड से किसी के आने की उम्मीद न करें। काश हम उस मुकाम पर पहुंच पाते जहां हॉलीवुड के लोग आते; इसमें समय लगेगा। फिलहाल, अगर बॉलीवुड से कुछ लोग आते हैं, तो यह अच्छी बात है। लेकिन उद्देश्य केवल बॉलीवुड सेलिब्रिटीज को यहां लाना नहीं है। हमारा मकसद स्थानीय दर्शकों को अलग-अलग तरह की फिल्में दिखाना है।’’

उमर ने कहा कि यह रोजगार पैदा करने की दिशा में भी एक कदम है।

उन्होंने निर्माणाधीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के सवाल पर कहा कि कार्य तेजी से जारी है।

भाषा धीरज प्रशांत

प्रशांत


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