नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) इजराइल में संसदीय चुनाव से पहले फलस्तीनी लोगों को एक बार फिर इजराइल की घरेलू राजनीति की ‘‘कीमत चुकानी पड़ रही है।’’ फलस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला एम. अबू शावेश ने बुधवार को यह बात कही।
फलस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला एम. अबू शावेश ने कहा कि उनका देश इस चुनाव पर ‘नजर रखे हुए है।’
दिल्ली स्थित फलस्तीनी दूतावास में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में शावेश ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से 2026 की शुरुआत में घोषित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को गाजा में ‘‘संघर्ष’’ के समाधान की दिशा में एक कदम बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि यह गाजा में दीर्घकालिक शांति स्थापित करने की पहल नहीं है।
ट्रंप ने जनवरी में दावोस में ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य गाजा में दीर्घकालिक शांति स्थापित करना और संभवत: अन्य वैश्विक संघर्षों के समाधान की दिशा में काम करना है।
भारत में फलस्तीनी राजदूत ने इजराइल पर ‘चरमपंथी इजराइली बाशिंदों’ को छूट देने का आरोप लगाया, जो कथित तौर पर फलस्तीनियों को डरा-धमकाकर और परेशान करके उन्हें उनकी प्राचीन मातृभूमि से बेदखल करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इजराइल में संसदीय चुनाव से 69 दिन पहले, फलस्तीनी लोगों को एक बार फिर इजराइल की घरेलू राजनीति की ‘कीमत चुकानी’ पड़ रही है।
यह पूछे जाने पर कि क्या इजराइल में होने वाले आगामी चुनाव पर फलस्तीन करीबी नजर रख रहा है, शावेश ने कहा, ‘हां… हम चुनाव पर निगरानी रख रहे हैं।’
भाषा शुभम अमित
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