कवर्धा : IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026 : यदि एक आदमी शिक्षित होता है तो केवल एक व्यक्ति शिक्षित होता है, लेकिन जब एक बेटी शिक्षित होती है तो पूरी पीढ़ी शिक्षित होती है। कुछ इन्हीं भावों और विचारों के साथ मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का नंबर वन न्यूज चैनल IBC24 हर वर्ष बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ठ अंक अर्जित करने वाली बेटियों को हर साल स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप प्रदान करता है। स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप (Swarn Sharada Scholarship) केवल एक स्कॉलरशिप ही नहीं हैं, बल्कि यह उन बेटियों के भविष्य के लिए अंशदान है, जो समाज और अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बने हैं। इस बार भी छत्तीसगढ़ में 12वीं की बोर्ड परीक्षा में स्टेट टॉपर बेटी को 1 लाख रुपए, उनके स्कूल को 1 लाख रुपए और जिले में प्रथम आने वाली बेटियों को 50-50 हजार रुपए प्रदान किए गए। IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026 : खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की एक बेटी ने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित कर दिया है कि सफलता संसाधनों की मोहताज नहीं होती। आत्मानंद बक्सि स्कूल की छात्रा छन्नी वर्मा ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 92.2 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले के टॉपर्स में अपनी जगह बनाई है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के परीक्षा परिणाम में इस वर्ष कक्षा 12वीं में कवर्धा जिले का कोई भी छात्र-छात्रा टॉप टेन सूची में अपना स्थान नहीं बना सका। लेकिन जिले की अगर बात करें तो पंडरिया ब्लॉक के एक छोटे से गांव सिरमाडबरी गांव के शिक्षक परिवार की बेटी वैभवी तिवारी ने 95.20 प्रतिशत अंक लेकर जिले में प्रथम स्थान हासिल किया है।
बता दें कि वैभवी के माता-पिता दोनों शासकीय शिक्षक हैं। वैभवी की एक बड़ी बहन हैं, जो बिलासपुर में पढ़ाई करती हैं। 95.20 प्रतिशत हासिल कर ये सिद्ध कर दिया है कि मन में इच्छाशक्ति और दृढ़ कल्पना हो तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। गांव से 5 किलोमीटर दूर पंडरिया के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ाई करके इतनी प्रतिशत हासिल की है और खास बात यह है कि वैभवी ने स्कूल के अलावा किसी भी तरह से कहीं कोचिंग नहीं ली है।
उसके बावजूद जिस हौसले के साथ पढ़ाई करती है, वह काबिले तारीफ है, क्योंकि वैभवी शुरू से ही मेधावी छात्रा रही है। 10वीं में भी अपने स्कूल में टॉप की थी। वैभवी बताती हैं कि पढ़ाई के अलावा वे पेंटिंग और गार्डनिंग में रुचि रखती हैं, साथ ही घर में किचन का काम में भी हाथ बंटाती हैं और आगे चलकर सीए बनना चाहती हैं, जिसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी है।
एक छोटे से गांव से निकलकर वैभवी ने जो मुकाम हासिल किया है, वह अन्य छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणादायक है। वहीं वैभवी ने बताया कि IBC24 स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप से मिलने वाली राशि का उपयोग वह अपने आगे की पढ़ाई में करना चाहती हैं। वहीं उनके माता-पिता दोनों शिक्षक हैं, इसलिए शासन की कोई भी योजनाओं का लाभ नहीं मिलता, लेकिन दादा को प्रधानमंत्री किसान सम्मान राशि और दादी को महतारी वंदन योजना का लाभ जरूर मिलता है।
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