Paper Leak Bill in Parliament | Photo Credit: AI
Paper Leak Bill in Parliament: नई दिल्ली: पेपर लीक पर सख्त कानून लाने की तैयारी थी, लेकिन संसद की शुरुआत ही हंगामे से हुई। संसद के मकर द्वार पर विपक्षी सांसद छात्रों की पिटाई के विरोध में प्रदर्शन करने लगे और जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए, उनकी मांग थी कि पहले छात्रों पर हुई कार्रवाई पर चर्चा हो फिर परीक्षा संशोधन बिल पर।
हंगामे के बीच लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष को समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अगर चर्चा करनी है तो सभी दल सहमति बनाकर आएं और इसके लिए शाम पांच बजे तक का समय भी दिया, (Paper Leak Bill in Parliament) लेकिन सहमति नहीं बन सकी और सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी..राज्यसभा का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा।
Paper Leak Bill in Parliament: हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोक परीक्षा संशोधन बिल सदन में पेश जरूर कर दिया, लेकिन उस पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी। सरकार का दावा है कि संशोधन के बाद पेपर लीक के आरोपियों पर और कड़ी कार्रवाई होगी। सजा और जुर्माना दोनों बढ़ाए जाएंगे..साथ ही राज्यों को फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का अधिकार मिलेगा ताकि मामलों की रोजाना सुनवाई हो सके।
उधर पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे के बाद पहली बार संसद पहुंचे। जहां NDA सांसदों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। (Paper Leak Bill in Parliament) शॉल ओढ़ाकर और मिथिला पाग पहनाकर उन्हें संसद भवन तक ले जाया गया। इस दौरान ‘धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद’ के नारे भी लगे..प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद के बाद 25 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दिया था।
Paper Leak Bill in Parliament: यानी एक तरफ सरकार पेपर लीक के खिलाफ पहले से ज्यादा सख्त कानून बनाने की तैयारी में है, तो दूसरी तरफ विपक्ष छात्रों की पिटाई के मुद्दे को पहले सदन में उठाने पर अड़ा है। अब देखना होगा कि राजनीतिक टकराव के बीच परीक्षा संशोधन बिल पर चर्चा कब शुरू हो पाती है।
इन्हें भी पढ़ें:-