(नमिता तिवारी)
रांची, 11 सितंबर (भाषा) टाटा स्टील औद्योगिक सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई), डिजिटल कर्मचारी निगरानी प्रणाली और रिमोट ऑपरेशन का इस्तेमाल बढ़ा रही है।
कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि टाटा स्टील के परिचालन क्षेत्रों में 10,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। एआई आधारित निगरानी की मदद से असुरक्षित गतिविधियों की पहचान कर हादसा होने से पहले ही चेतावनी दी जा सकती है।
टाटा स्टील के उपाध्यक्ष (सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं स्थिरता) राजीव मंगल ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘ज्यादातर लोग किसी घटना के बाद उसकी जांच के लिए सीसीटीवी का इस्तेमाल करते हैं। हम इसका इस्तेमाल पहले से ही हादसों को रोकने के लिए करना चाहते हैं। टाटा स्टील एआई, कंप्यूटर विजन और रिमोट ऑपरेशन का इस्तेमाल बढ़ा रही है, ताकि हादसा होने के बाद उसकी जांच करने के बजाय वास्तविक समय में उसे रोकने पर ध्यान दिया जा सके।’’
उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों में टाटा स्टील ने पूरे समूह में काम के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं की दर में 38 प्रतिशत की कमी हासिल की है।
टाटा स्टील देशभर में अपनी ‘कनेक्टेड वर्कफोर्स’ प्रणाली भी लागू कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘एआई आधारित गेट पास और संयंत्रों के भीतर लगाए गए छोटे डिजिटल उपकरण कर्मचारियों की आवाजाही पर नजर रखते हैं तथा तय व्यवस्था से किसी भी तरह के विचलन की पहचान कर लेते हैं। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि कर्मचारी केवल अधिकृत और सुरक्षित क्षेत्रों में ही प्रवेश करें।’’
कंपनी एकीकृत रिमोट ऑपरेशन केंद्रों (आईआरओसी) का भी विस्तार कर रही है। इनके जरिये खदानों या संयंत्रों में जोखिम वाले काम की दूर से निगरानी की जा सकती है और जहां संभव हो, उन्हें दूर से नियंत्रित भी किया जा सकता है।
सीसीटीवी की फुटेज, संयंत्र और मशीनरी से जुड़ा डेटा तथा अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं बड़ी स्क्रीन पर एक साथ उपलब्ध कराई जाती हैं। इससे कर्मचारियों को जोखिम वाले वातावरण में भेजने की जरूरत कम होती है और आपात स्थिति में विभिन्न टीमों के बीच बेहतर समन्वय हो पाता है।
मंगल ने कहा कि रिमोट ऑपरेशन से इस्पात उद्योग में युवा कर्मचारियों को आकर्षित करने में भी मदद मिल सकती है, क्योंकि इससे उन्हें गर्म, उमस भरे और अधिक शोर वाले कार्यस्थलों में कम समय बिताना पड़ेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘एआई का इस्तेमाल लॉजिस्टिक से जुड़ी सुरक्षा में भी किया जा रहा है। हर दिन करीब 8,000-10,000 ट्रक और ट्रेलर कच्चा माल या तैयार माल लेकर टाटा स्टील के संयंत्रों में आते हैं। चालक की थकान पर नजर रखने वाली प्रणालियां कैमरों की मदद से सिर की गतिविधि और मोबाइल फोन के इस्तेमाल का पता लगाती हैं और चेतावनी जारी करती हैं। प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल ट्रकों को ऊपर से गुजरने वाली बिजली की तारों के संपर्क में आने से रोकने के लिए भी किया जा रहा है।’’
भाषा योगेश रमण
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