दो प्रशिक्षु एथलीट की मौत के बाद अभिभावकों ने जांच की मांग की
दो प्रशिक्षु एथलीट की मौत के बाद अभिभावकों ने जांच की मांग की
कोझिकोड (केरल), 17 जनवरी (भाषा) कोल्लम के एसएआई छात्रावास में मृत मिली एक प्रशिक्षु खिलाड़ी के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी खेल केंद्र में रहने के दौरान सुविधाओं से तंग आ चुकी थी।
कोझिकोड जिले के चालियम निवासी सैंड्रा ए (18) और तिरुवनंतपुरम जिले के मुथक्कल की वैश्नवी वी (15) अपने छात्रावास के कमरे में 15 जनवरी को फांसी पर लटकी मिली थीं।
मामले की जांच कर रही पुलिस ने दोनों लड़कियों के ‘‘सुसाइड नोट’’ बरामद किए और कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि उनकी मौतों के पीछे व्यक्तिगत मुद्दे हो सकते हैं।
सैंड्रा की मां सिंधु ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि उनकी बेटी अक्सर परिवार से कहती थी कि वह एसएआई सुविधा केंद्र में रहने से तंग आ चुकी है।
सिंधु ने कहा कि सैंड्रा ने अपनी बारहवीं की परीक्षा पूरी करने के बाद घर लौटने और फिजियोथेरेपी का कोर्स करने की इच्छा व्यक्त की थी।
उन्होंने कहा, ‘हमारी स्थिति को देखते हुए मैं उसे वहीं रहने के लिए कहती थी। वह हमसे सब कुछ साझा करती थी।’
सिंधु ने बताया कि सैंड्रा को रविवार और बृहस्पतिवार को परिवार से संपर्क करने की अनुमति थी। हालांकि, बुधवार को मृत्यु से एक दिन पहले रात लगभग आठ बजे सैंड्रा ने वार्डन के फोन से उन्हें फोन किया था।
सिंधु ने कहा, ‘बातचीत के दौरान मैंने उसकी आवाज में बदलाव महसूस किया और इसके बारे में उससे पूछा। उसने कुछ नहीं कहा और अपने पिता से बात करती रही।’
सिंधु ने कहा कि सैंड्रा लगभग चार साल पहले एसएआई छात्रावास गयी थी और उस समय की वार्डन बहुत देखभाल करने वाली थीं।
उन्होंने कहा, ‘लेकिन उस वार्डन को एक महीने पहले बदल दिया गया था। मैं उस वार्डन से नियमित रूप से संपर्क करती थी। सैंड्रा ने मुझे बताया कि छात्रावास प्रभारी ने उसे चेतावनी दी थी कि अगर मैंने वार्डन से बात की तो उसे छात्रावास से निकाल दिया जाएगा।’
सिंधु ने दावा किया कि केंद्र प्रभारी राजीव ने सैंड्रा को निर्देश दिया था कि वह अपनी मां को वार्डन से बात न करने दे।
उन्होंने कहा कि सैंड्रा को कई समस्याएं थीं, लेकिन उसने कभी भी विस्तार से इसे नहीं बताया।
उन्होंने कहा, ‘मुझे लगा कि वहां के सख्त नियमों की वजह से उसे दिक्कतें आ रही थीं। मुझे नहीं पता समस्या क्या थी। जो लड़की हमसे सीधे संपर्क नहीं कर पा रही थी, उसे दूसरों के फोन के जरिए बात करनी पड़ी।’
सिंधु ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा, ‘मेरी बेटी ऐसा काम नहीं कर सकती। हमें न्याय चाहिए।’ उन्होंने बताया कि सैंड्रा अक्सर छात्रावास को जेल कहती थी और घर लौटने के लिए बेताब थी।
सैंड्रा के पिता रवि के अनुसार उनकी बेटी ने कहा था कि अधिकारी अच्छे नहीं हैं और हालात पहले जैसे नहीं रहे।
उन्होंने आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार को हुई घटना के बाद उन्हें एसएआई अधिकारियों का फोन आया जिसमें पिता या माता में से किसी एक को आने के लिए कहा गया, लेकिन कोई विवरण नहीं दिया गया।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने उन्हें सुबह करीब 9:30 बजे कोल्लम पहुंचने के लिए कहा और उन्हें मौत के बारे में सूचित किया।
घटना के बाद जारी एक बयान में एसएआई अधिकारियों ने कहा कि जांच जारी है।
इस बीच कोल्लम ईस्ट पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज करते हुए कहा कि विस्तृत जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि छात्रावास में रहने वाले छात्रों, अधिकारियों और परिजनों के बयान जल्दी ही दर्ज किए जाएंगे।
भाषा
शुभम अविनाश
अविनाश

Facebook


