संसदीय समिति ने राष्ट्रीय डीएनए डेटाबेस बनाने पर चिंता व्यक्त की

संसदीय समिति ने राष्ट्रीय डीएनए डेटाबेस बनाने पर चिंता व्यक्त की

संसदीय समिति ने राष्ट्रीय डीएनए डेटाबेस बनाने पर चिंता व्यक्त की
Modified Date: November 29, 2022 / 08:41 pm IST
Published Date: February 3, 2021 8:43 pm IST

नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) संसद की एक समिति ने डीएनए प्रौद्योगिकी (उपयोग एवं अनुप्रयोग) विधेयक 2019 के तहत अपराध स्थल डीएनए प्रोफाइल का एक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करने का प्रस्ताव देने पर चिंता व्यक्ति की है।

यह विधेयक राष्ट्रीय डीएनए डेटा बैंक और क्षेत्रीय डीएनए डेटा बैंक स्थापित करने का प्रावधान करता है, जिसमें डीएनए प्रोफाइल रखी जाएंगी।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश की अध्यक्षता वाली विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन पर संसद की स्थायी समिति से संबंधित 32 सदस्यीय विभाग ने अपनी रिपोर्ट बुधवार को राज्यसभा के पटल पर रखी।

समिति के दो सदस्य, तेलंगाना से लोकसभा सदस्य असदुद्दीन ओवैसी तथा केरल से राज्यसभा सदस्य बिनॉय विश्वम ने असहमति नोट दिया।

पैनल ने डीएनए डेटा बैंक बनाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अपराध स्थल डीएनए प्रोफाइल के राष्ट्रीय डेटा बैंक में सभी का डीएनए शामिल हो सकता है, क्योंकि अपराध से पहले और बाद में वारदात स्थल पर कई लोगों का डीएनए मिल सकता है, जिनका मामले से कुछ लेना देना न हो।

भाषा

नोमान सुभाष

सुभाष


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