संसदीय समिति ने दिल्ली के लिए एआई आधारित यातायात प्रबंधन की सिफारिश की

संसदीय समिति ने दिल्ली के लिए एआई आधारित यातायात प्रबंधन की सिफारिश की

संसदीय समिति ने दिल्ली के लिए एआई आधारित यातायात प्रबंधन की सिफारिश की
Modified Date: March 18, 2026 / 12:43 pm IST
Published Date: March 18, 2026 12:43 pm IST

नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) संसद की एक स्थायी समिति ने दिल्ली में यातायात प्रवाह और सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित यातायात प्रणालियों और अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने की सिफारिश करते हुए कहा है कि उल्लंघनकर्ताओं से वसूले गए जुर्माने का एक हिस्सा सड़क सुरक्षा पहलों के लिए अलग रखा जाए।

संसद के दोनों सदनों में मंगलवार प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में, गृह मंत्रालय की स्थायी संसदीय समिति ने कहा कि दिल्ली को यातायात निगरानी और प्रबंधन के लिए उन्नत तकनीकों के उपयोग का विस्तार करना चाहिए।

राज्यसभा सदस्य राधा मोहन दास अग्रवाल की अध्यक्षता वाली इस समिति ने सुझाव दिया है कि वास्तविक समय में यातायात निगरानी और प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए उन्नत यातायात प्रणालियों में और निवेश किया जाए।

समिति ने दिल्ली यातायात पुलिस को सुझाव दिया कि वे अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाएं, जहां सेंसर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का व्यापक उपयोग करके यातायात प्रवाह को नियंत्रित किया जाता है।

रिपोर्ट में कहा गया कि यातायात उल्लंघनकर्ताओं से वसूले गए चालान की राशि के उपयोग को लेकर स्पष्टता आवश्यक है और कुछ राजस्व सड़क सुरक्षा और यातायात अवसंरचना सुधार में लगाया जाना चाहिए।

समिति ने इस बात पर जोर दिया है कि इस राजस्व का एक हिस्सा विशेष रूप से सड़क सुरक्षा, यातायात अवसंरचना विकास और जागरूकता पहलों के लिए निर्धारित किया जाना चाहिए।

कार्रवाई रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने रेड लाइट उल्लंघन (आरएलवीडी) और ओवर स्पीड उल्लंघन पहचानने वाले 334 कैमरे (ओएसवीडी) लगाए हैं, जो सेंसर आधारित रडार सिस्टम पर काम करते हैं। इसके अलावा दिल्ली पुलिस स्वचालित चालान के लिए 328 और उपकरण खरीद रही है।

इसके अलावा, यातायात नियमों के पालन के लिए 1,500 ई-चालान मशीनें भी खरीदी गई हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत यातायात उल्लंघनों पर वसूली गई मिश्रित शुल्क राशि ‘‘वाहनों पर कर’’ के तहत दिल्ली सरकार में जमा होती है।

समिति ने जारी एकीकृत यातायात प्रबंधन प्रणाली (आईटीएमएस) परियोजना पर भी गौर किया, जो एआई आधारित एक प्रणाली है और इसका उद्देश्य यातायात गतिविधियों, उल्लंघनों और अत्यधिक गति से होने वाली दुर्घटनाओं की निगरानी करना है।

समिति ने कहा ‘‘आईटीएमएस परियोजना को स्पष्ट समयसीमा के साथ शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए। साथ ही एआई आधारित यातायात प्रबंधन में वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को शामिल किया जाना चाहिए।’’

समिति ने एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय, डेटा साझा करने की बेहतर प्रणाली और सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियानों के समय-समय पर मूल्यांकन की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ (रोड सेफ्टी सेल) जन-जागरूकता अभियान चला रहा है और सुरक्षित ड्राइविंग प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्थानों पर 100 वैरिएबल मैसेजिंग साइनबोर्ड लगाए गए हैं।

भाषा मनीषा माधव

माधव


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