मुस्लिम धर्मगुरू ने नागरिकता कानून पर दिया बयान, मुसलमानों को कोई खतरा नहीं, सियासी पार्टियां कर रही गुमराह

मुस्लिम धर्मगुरू ने नागरिकता कानून पर दिया बयान, मुसलमानों को कोई खतरा नहीं, सियासी पार्टियां कर रही गुमराह

मुस्लिम धर्मगुरू ने नागरिकता कानून पर दिया बयान, मुसलमानों को कोई खतरा नहीं, सियासी पार्टियां कर रही गुमराह
Modified Date: November 29, 2022 / 08:52 pm IST
Published Date: December 21, 2019 9:09 am IST

नई दिल्ली। देश के पूर्वोत्तर राज्यों के साथ दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून पर मचे घमासान पर शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने देशवासियों और खासकर मुसलमानों को धैर्य रखने की सलाह देते हुए सीएए और एनआरसी के बारे में समझाया है।

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उन्होंने कहा कि सीएए और एनआरसी दो अलग-अलग चीजें हैं। NRC अब तक केवल असम में लागू किया गया है और पूरे भारत में लागू नहीं किया गया है, लेकिन हम अभी तक यह नहीं जानते हैं कि इसमें क्या नियम होने जा रहे हैं। धर्मगुरू ने आरोप लगाया है कि कई पार्टियां इस पर गुमराह कर रही हैं, मुसलमानों से संयम दिखाने की अपील करती हैं।

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बता दें इससे पहले राम मंदिर मसले पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के घर आयोजित धर्मगुरुओं की बैठक में शामिल शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने अयोध्‍या पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा था कि मुझे वास्तव में अपने देश पर गर्व है कि इतने बड़े मुद्दे जो वर्षों से लंबित थे, इतनी आसानी से हल हो गए। हिन्दू और मुस्लिम दोनों ने बहुत धैर्य से काम लिया है, यह बेहद प्रशंसनीय है। शिया धर्मगुरु का इशारा जम्मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 के हटने, तीन तलाक और रामजन्‍म भूमि-बाबरी मस्‍जिद विवाद की तरफ था।

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