Govt Teacher Coaching Ban: सरकारी शिक्षक अब नहीं पढ़ा पाएंगे निजी कोचिंग-ट्यूशन, शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, उल्लंघन करने पर होगी बड़ी कार्रवाई

Govt Teacher Coaching Ban: सरकारी शिक्षक अब नहीं पढ़ा पाएंगे निजी कोचिंग-ट्यूशन, शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, उल्लंघन करने पर होगी बड़ी कार्रवाई

Govt Teacher Coaching Ban: सरकारी शिक्षक अब नहीं पढ़ा पाएंगे निजी कोचिंग-ट्यूशन, शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, उल्लंघन करने पर होगी बड़ी कार्रवाई

Govt Teacher Coaching Ban | Photo Credit: AI

Modified Date: June 12, 2026 / 02:29 pm IST
Published Date: June 12, 2026 2:28 pm IST

पटना: Govt Teacher Coaching Ban बिहार सरकार ने सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के कोचिंग संस्थानों, निजी ट्यूशन और व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में पढ़ाने पर रोक लगाने का निर्देश बृहस्पतिवार को जारी किया। (Bihar Government Teachers) माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सरकारी शिक्षक किसी भी कोचिंग संस्थान, निजी ट्यूशन केंद्र या व्यावसायिक शिक्षण संस्थान में शिक्षण कार्य नहीं (Private Tuition Ban) करेंगे।

Bihar Teacher Coaching Ban विभाग का कहना है कि ऐसी गतिविधियों से विद्यालयी शिक्षा प्रभावित होती है और विद्यार्थियों के हितों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सघन निगरानी रखने तथा यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोई भी सरकारी शिक्षक कोचिंग या निजी ट्यूशन गतिविधियों में शामिल न हो। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा विभाग का यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब राज्य में बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के माध्यम से बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। विभाग का कहना है कि अधिकांश सरकारी विद्यालयों में अब पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध हैं और उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न क्षेत्रों से ऐसी शिकायतें मिली थीं कि कुछ सरकारी शिक्षक विद्यालय परिसर अथवा उसके बाहर निजी कोचिंग, ट्यूशन और व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में पढ़ा रहे हैं जिसे विभाग ने शिक्षकों की सेवा शर्तों और आचार संहिता के विपरीत बताया है। निर्देश में कहा गया है कि सरकारी शिक्षकों का मुख्य दायित्व विद्यालय में नियमित व गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य करना है और यदि कोई शिक्षक अतिरिक्त समय में भी कोचिंग या निजी ट्यूशन से जुड़ा पाया जाता है, तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।

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