लोग अब पूछ रहे हैं कि कांग्रेस शासन में पैसे दिए बिना नौकरियां क्यों नहीं मिलती थीं: हिमंत

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लोग अब पूछ रहे हैं कि कांग्रेस शासन में पैसे दिए बिना नौकरियां क्यों नहीं मिलती थीं: हिमंत

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  • Publish Date - September 29, 2026 / 08:40 PM IST,
    Updated On - September 29, 2026 / 08:40 PM IST

मोरीगांव (असम), 29 सितंबर (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को कहा कि लोग अब सवाल कर रहे हैं कि कांग्रेस के शासनकाल में पैसे दिए बिना सरकारी नौकरियां और मेडिकल कॉलेज में सीट क्यों नहीं मिलती थीं।

शर्मा ने नगांव लोकसभा उपचुनाव के सिलसिले में मोरीगांव शहर में एक चुनावी रैली से इतर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य में राजनीतिक माहौल बदल गया है।

मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा, ‘वे चाहे कुछ भी कहें, आज जनता यह सवाल पूछ रही है कि अगर हिमंत विश्व शर्मा के समय में बिना पैसे दिए नौकरियां मिल सकती हैं, तो कांग्रेस के सत्ता में रहते ऐसा क्यों नहीं हो सकता था?’

उन्होंने कहा जनता पूछ रही है, ‘यदि हिमंत विश्व शर्मा के समय बिना पैसे दिए मेडिकल कॉलेज की सीट मिल सकती हैं, तो कांग्रेस के शासन में क्यों नहीं मिल पाती थीं?’

मुख्यमंत्री शर्मा ने अपने चुनाव प्रचार पर मिल रही प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि उनके विरोधियों को अब जनता ‘भगा’ रही है।

शर्मा ने कहा, ‘‘आज स्थिति बिल्कुल उलट है। उन्हें भगाया जा रहा है, मुझे नहीं। अब मैं धींग जाऊंगा, मुझे कौन भगाएगा? मुझे कोई नहीं भगा रहा है। वे किसे भगा रहे हैं? जनता किसे भगा रही है? कांग्रेस को या मुझे?’

उन्होंने कहा, ‘आज पहली बार मैंने देखा है कि वे (विपक्षी नेता) जहां भी जा रहे हैं, उन्हें भगाया जा रहा है। पहले ऐसा कभी नहीं था। तो असम में कितना बदलाव आया है, यह आप खुद महसूस कर सकते हैं।’

इससे पहले रैली को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि कांग्रेस असम में अपना जनाधार खो चुकी है और ‘पूरी तरह कमजोर’ हो गई है।

उन्होंने असम की क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी एआईयूडीएफ (ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) के बुजुर्ग नेता बदरुद्दीन अजमल को चुनाव लड़ना छोड़कर हज यात्रा पर जाने की सलाह भी दी।

शर्मा ने कहा कि हालांकि वे लगभग हर चुनावी सभा में अपने मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के रूप में कांग्रेस पर निशाना साधते हैं, लेकिन इस रैली में उन्होंने मतदाताओं को भाजपा की ओर आकर्षित करने के लिए मुख्य रूप से विकास के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया।

असम के नगांव लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव छह अक्टूबर को होना तय है, जबकि मतगणना नौ अक्टूबर को होगी।

नगांव में उपचुनाव इसलिए जरूरी हुआ क्योंकि पूर्व कांग्रेस नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने असम विधानसभा चुनाव से ठीक कुछ दिन पहले पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था। वह दिसपुर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए हैं।

भाषा सुमित अमित

अमित