चीन की घुसपैठ से संबंधित लोगों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए: भाजपा सांसद तापिर गाव

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चीन की घुसपैठ से संबंधित लोगों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए: भाजपा सांसद तापिर गाव

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  • Publish Date - August 22, 2026 / 05:50 PM IST,
    Updated On - August 22, 2026 / 05:50 PM IST

ईटानगर, 22 अगस्त (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के सांसद तापिर गाव ने शनिवार को कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की कथित घुसपैठ को लेकर लोगों की चिंता इस बात की याद दिलाती है कि स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों की चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

ऊपरी सुबनसिरी जिले के तक्सिंग क्षेत्र में चीन की कथित गतिविधियों को लेकर हाल में हुए विवाद के बाद उन्होंने यह टिप्पणी की है।

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा है कि भारत चीन से लगे सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े मामलों को ‘बेहद गंभीर’ मानता है और एलएसी पर शांति एवं स्थिरता बनाए रखना ‘बेहद महत्वपूर्ण’ है।

भारतीय सेना ने घुसपैठ की खबरों को स्पष्ट रूप से खारिज किया है, जबकि मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि वह इस मामले को लेकर आरोप लगाने वाले स्थानीय निवासियों और रक्षा बलों दोनों से बात करेंगे।

भाजपा सांसद गाव ने कहा कि उन्होंने 2019 में संसद में चीन की घुसपैठ का मुद्दा उठाया था, लेकिन ‘लोगों ने इसे खास तवज्जो नहीं दी और यहां तक कह दिया कि ऐसी चिंताएं जाहिर करने से भारतीय सेना का हौसला कम हो सकता है।’

सांसद ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है। इसकी संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं हो सकता।’

उन्होंने कहा कि भारत शांति, बातचीत और मित्रता के पक्ष में है, लेकिन इसकी क्षेत्रीय अखंडता को कोई समझौता नहीं हो सकता।

तक्सिंग में कथित घुसपैठ को लेकर विवाद तब शुरू हुआ, जब क्षेत्र के लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाली ‘नाह वेलफेयर सोसाइटी’ (एनडब्ल्यूएस) ने सीमा के पास पीएलए (चीनी सेना) की गतिविधियों और अतिक्रमण का दावा किया।

सेना ने इन आरोपों को गलत और निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। सेना का स्पष्ट कहना है कि चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय क्षेत्र पर कब्जा करने या अरुणाचल प्रदेश के भीतर शिविर स्थापित करने की रिपोर्ट में कोई सच्चाई नहीं है।

भाषा जोहेब दिलीप

दिलीप