नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर कर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए कई दिशा-निर्देश देने का अनुरोध किया गया है, जिसमें नशीले पदार्थों के मामलों की समयबद्ध जांच और सुनवाई, तस्करों की संपत्तियों को जब्त करना और पूरे देश में एक समान जांच प्रोटोकॉल बनाना शामिल है।
अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर जनहित याचिका में केंद्र और राज्यों को स्वापक औषधि एवं मनप्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामलों में फोरेंसिक रिपोर्ट जमा करने के लिए अनिवार्य समयसीमा निर्धारित करने तथा नशीले पदार्थों की तलाश, जब्ती और नमूने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।
याचिका में एनडीपीएस मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष अदालतों के गठन तथा तलाशी, जब्ती और नमूना एकत्र करने की कार्यवाही की अनिवार्य डिजिटल रिकॉर्डिंग और वीडियोग्राफी को लागू करने की भी मांग की गई है।
यह दावा करते हुए कि मादक पदार्थों की समस्या और तस्करी ने चिंताजनक रूप ले लिया है, याचिका में कहा गया है कि 2025 में मादक पदार्थों के मामलों में 53 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और वर्ष के दौरान 1,240 टन नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं, जो समस्या के बढ़ते पैमाने को दर्शाता है।
याचिका को अभी शीर्ष अदालत के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाना बाकी है।
भाषा शफीक नरेश
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