पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी ‘मोदी का उपहार’, देश ‘चिंताजनक स्थिति’ में पहुंचा: शिवकुमार

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पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी 'मोदी का उपहार', देश 'चिंताजनक स्थिति' में पहुंचा: शिवकुमार

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  • Publish Date - May 15, 2026 / 02:50 PM IST,
    Updated On - May 15, 2026 / 02:50 PM IST

बेंगलुरु, 15 मई (भाषा) पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘उपहार’ करार देते हुए कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि देश ‘चिंताजनक स्थिति’ में पहुंच गया है।

उपमुख्यमंत्री ने ईंधन बचाने और सोने की खरीदारी टालने सहित समझदारी से खर्च करने के प्रधानमंत्री के आह्वान की भी आलोचना की।

पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और खुदरा ईंधन विक्रेताओं के बढ़ते नुकसान के बीच शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन-तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई।

पिछले चार से अधिक वर्षों में दरों में यह पहली बढ़ोतरी है जो असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के 16 दिन बाद हुई है।

शिवकुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी मोदी का उपहार है। वह अंतरराष्ट्रीय संबंधों में विफल रहे हैं। उन्होंने पड़ोस में किसी के भी साथ अच्छे संबंध नहीं बनाए रखे हैं। अब वह देश के लोगों से पेट्रोल का उपयोग सीमित करने, सोना न खरीदने और खाद्य तेल की खपत कम करने के लिए कह रहे हैं। इसे कैसे रोका या सीमित किया जा सकता है?’

उन्होंने कहा, ‘ऐसा नहीं किया जा सकता। देश एक अत्यंत चिंताजनक स्थिति में आ गया है। हमें इस देश को बचाना और सुरक्षित रखना है।’

शिवकुमार ने कहा कि लोग कमाते हैं और उसी के अनुसार अपना जीवन जीते हैं।

उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘किसी को नियंत्रित नहीं किया जा सकता। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि लोग अपने पास मौजूद संसाधनों के साथ सुचारू रूप से जीवन जी सकें।’

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद और विदेश यात्रा को टालने जैसे उपाय करने का आह्वान किया था।

मोदी पर अंतरराष्ट्रीय संबंधों में विफल रहने का आरोप लगाते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘वह (स्थितियों को) ठीक से संभाल नहीं पाए, वह कोई मदद नहीं कर सके। यही कारण है कि उन्होंने लोगों से उसी तरह की अपील की है, जैसी उन्होंने कोविड के दौरान दीया जलाने और थाली/घंटी बजाने के लिए की थी। यह संभव नहीं है। मैं अपने घर में तेल की खपत कैसे रोक सकता हूं? मैं गाड़ी का इस्तेमाल करना कैसे बंद कर सकता हूं?’

उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने अपनी सुरक्षा घटाकर दो गाड़ियां कर ली होंगी, ठीक है। देश भर में दूसरों को भी ऐसा करने दीजिए।’ उन्होंने कहा, ‘आप यह कैसे कह सकते हैं कि लोगों को बाहर (विदेश) यात्रा नहीं करनी चाहिए? यह उनकी खुशी और उनकी कमाई है। लोग अपनी कमाई से यात्रा करते हैं। (लोगों से बाहर न जाने के लिए कहना) यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।’

यह उल्लेख करते हुए कि हर महिला अपने मांगल्य या मंगलसूत्र के लिए कम से कम एक सोने की चेन चाहती है, शिवकुमार ने पूछा कि उन्हें मांगल्य चेन के लिए सोना खरीदने से कैसे रोका जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘यह उचित नहीं है।’

बाद में, तमिलनाडु के थूथुकुडी में संवाददाताओं से बात करते हुए शिवकुमार ने दावा किया कि केंद्र की भाजपा सरकार सुशासन देने में विफल रही है।

तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस के तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) से हाथ मिलाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह पार्टी की नीति है।

शिवकुमार ने कहा, ‘मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। मेरे नेता (राहुल गांधी) ने यह फैसला लिया है। द्रविड मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) पिछले 40 वर्षों से हमारे साथ चट्टान की तरह खड़ी रही है। अब कई तरह के मुद्दे हैं। हमारी पार्टी को बढ़ने दीजिए।’

भाषा सुमित नरेश

नरेश