रेल मंत्रालय का फैसला, 75 करोड़ रुपये तक की परियोजना के लिए मंजूरी का अधिकार डीआरएम को

रेल मंत्रालय का फैसला, 75 करोड़ रुपये तक की परियोजना के लिए मंजूरी का अधिकार डीआरएम को

रेल मंत्रालय का फैसला,  75 करोड़ रुपये तक की परियोजना के लिए मंजूरी का अधिकार डीआरएम को
Modified Date: November 29, 2022 / 08:58 pm IST
Published Date: June 17, 2018 8:26 am IST

मुंबई। सभी ट्रेन को दुरुस्त करने रेल मंत्रालय ने नया फैसला लिया है जिसके चलते यह निर्णय लिया गया है कि ट्रेनों की लेटलतीफी खत्म करने के लिए निकट भविष्य में कोई नई ट्रेन नहीं चलाई जाएगी।इसके साथ ही सभी डिवीजनों को भी ज्यादा से ज्यादा अधिकार दिए जायेंगे। जिसके चलते हर डिवीजन में एक परियोजना प्रकोष्ठ की स्थापना की जाएगी तथा मंडल प्रबंधकों को हर बात के लिए जोनल महाप्रबंधकों के चक्कर लगाने की जरूरत से काफी हद तक आजाद किया जाएगा।

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बता दें की  शनिवार को उत्तर रेलवे, उत्तर-मध्य रेलवे, उत्तर-पूर्व रेलवे तथा पूर्व-मध्य रेलवे के महाप्रबंधकों के साथ बैठक में रेल मंत्री पीयूष गोयल  ट्रेनों की लेटलतीफी को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग जोनों के महाप्रबंधकों से बात कर समस्या की जड़ से ख़त्म करने की बात कही  ताकि  यात्रियों को जल्द से जल्द राहत मिल सके। 

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ज्ञात हो कि डिवीजनों को सशक्त करने के पीछे गोयल का मुंबई का अनुभव है, जहां जोन और डिवीजन के बीच लालफीताशाही के कारण एल्फिंस्टन ब्रिज के निर्माण का जिम्मा सेना को देना पड़ा था।इसी को ध्यान में रख कर अब ये निर्णय लिया गया कि प्रत्येक डिवीजन में एक परियोजना प्रकोष्ठ अथवा प्रोजेक्ट सेल के गठन किया जायेगा। जिनमें एडीआरएम इसके मुखिया होंगे, जबकि सीनियर डीईएन, डीईएन, सीनियर डीएसटीई अथवा डीएसटीई, सीनियर डीईई, डीओएम अथवा सीनियर डीएफएम/डीएफएम अथवा जेएजी ग्रेड के अफसर सदस्य होंगे। प्रकोष्ठ के लिए अफसरों व कर्मचारियों का प्रबंध डिवीजन के अलावा जोन से भी किया जाएगा। इसके साथ ही प्रोजेक्ट सेल द्वारा चुनी गई 75 करोड़ रुपये तक की परियोजना के लिए धन की मंजूरी डीआरएम स्वयं अपने स्तर पर दे सकेंगे।

 

 

मंत्री पीयूष गोयल ने  बैठक में लिए महत्वपूर्ण निर्णय

 ब्लॉक के कारण अगर  ट्रेन रास्ते में देर तक रुकी तो यात्रियों को मुफ्त भोजन-पानी दिया जाएगा।

रेलवे लाइनों, सिग्नल प्रणाली आदि की मरम्मत के लिए पूर्व योजना बनाकर ब्लॉक लिए जाएंगे।

 ब्लॉक के दौरान ट्रेन संचालन बंद रखने की जानकारी प्रचार माध्यमों के जरिये जनता को दी जाएगी।

 प्रत्येक ब्लॉक पांच घंटे का होगा, जिसमें मरम्मत के सारे कार्य पूरे किए जाएंगे।

 ट्रेनों का स्टॉपेज समय कम किया जाएगा।

  ट्रेनों की समय सारणी में संशोधन होगा।

ट्रेनों के लिए अतिरिक्त रेक का इंतजाम होगा। 

 ट्रेन रनिंग स्टेटस के लिए सभी रेल इंजनों में जीपीएस लगेगा।

ट्रेनों में पानी भरने के लिए स्टेशनों में पंपिंग मशीनों की क्षमता बढ़ाई जाएगी।

 सभी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में पीओएस मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी।

 इलाहाबाद-मुगलसराय के बीच तीसरी लाइन को मंजूरी।

रेल लाइनें बिछाने के लिए नई ट्रैक लेइंग मशीनें खरीदी जाएंगी।

 दिल्ली-हावड़ा मार्ग के ट्रैक पर जानवरों को आने से रोकने के लिए दोनों तरफ बनेगी दीवार।

 सितंबर, 2018 तक देश के सभी रेलवे स्टेशनों पर महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त शौचालय बनाने का लक्ष्य।

 

वेब डेस्क IBC24 

 

 


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