नई दिल्ली। ट्रेनों की लेटलतीफी पर रेलमंत्री पीयूष गोयल ने अब ऐसा कदम उठाया है कि अफसरों को अपना पुराना ढर्रा बदलना पड़ेगा। पिछले माह एक मीटिंग में गोयल ने अफसरों की क्लास लगाई। उन्होंने अफसरों को चेतावनी दी कि वे 30 जून तक ट्रेनों की लेटलतीफी में सुधार लाएं या फिर इसका असर उनकी पदोन्नति पर पड़ेगा।
गौरतलब है कि पिछले महीने रेलवे के आधिकारिक आंकड़ों में दावा किया गया था कि 2017-18 में देशभर की 30 फीसदी ट्रेनें लेट रही हैं। इसके पीछे कारण में रेलवे के निर्माण कार्यों को बताया गया था।
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वरिष्ठ रेलवे अफसर के अनुसार, मीटिंग में गोयल ने जोनल अफसरों से कहा कि वे रख-रखाव के कामों का बहाना देकर लेटलतीफी पर सफाई नहीं दे सकते। बताया गया कि एक मीटिंग के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने भी गोयल से ट्रेनों के समय प्रबंधन पर सवाल पूछे थे। इसके बाद ही उन्होंने सभी हेड से खराब समय प्रबंधन का विवरण मांगा।
बताया गया है कि गोयल के गुस्से का सबसे ज्यादा सामना उत्तर रेलवे के जनरल मैनेजर को करना पड़ा। मई 29 से इस क्षेत्र में रेलवे की करीब 49 फीसदी ट्रेनें लेट रही हैं। पिछले साल के मुकाबले ये आंकड़ा 32.74 प्रतिशत ज्यादा खराब है। वहीं पूर्वोत्तर फ्रंटियर रेलवे 27 फीसदी और पूर्वी रेलवे 26 प्रतिशत भी लेटलतीफी के आंकड़े में काफी आगे रहे हैं।
वेब डेस्क, IBC24