अयोध्या (उप्र), 22 जुलाई (भाषा) अयोध्या स्थित राम मंदिर का प्रबंधन करने वाले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को हुई अहम बैठक में मंदिर में पूजा-पाठ की सम्पूर्ण व्यवस्था के लिये गठित ‘धार्मिक समिति’ का पुनर्गठन करके उसमें अयोध्या के पांच संतों समेत कुल नौ सदस्यों को शामिल करने और ट्रस्ट का एक प्रवक्ता तथा सचिव नियुक्त करने का निर्णय लिया गया।
ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन और कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने संवाददाताओं को बताया कि बैठक में ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पद के लिये बड़ी संख्या में आवेदन आने की वजह से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के लिये मांगा गया एक माह का अतिरिक्त समय देने पर भी सहमति बनी।
साथ ही इस कार्य में हो रहे विलंब को देखते हुए एक सचिव की नियुक्ति का निर्णय लिया गया।
बैठक में ट्रस्ट के सदस्यों ने सावन के महीने में श्रद्धालुओं की संख्या में संभावित बढ़ोत्तरी के लिए की गई तैयारियों, ट्रस्टी के खाली पदों को भरने की प्रक्रिया में हुई प्रगति और कई प्रशासनिक व वित्तीय मुद्दों की समीक्षा की।
ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने बताया कि ट्रस्टी मंडल ने अनियमितताएं सामने आने के बाद बैंक की प्रक्रिया और गंभीरता के अभाव पर निराशा प्रकट की है।
उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की वित्त समिति को बैंक के साथ संबंधों पर और मानक प्रक्रियाओं पर पुनर्विचार कर समुचित निर्णय लेने को कहा है।
उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के एक उपयुक्त सीईओ के चयन के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त होने के चलते इस सिलसिले में गठित समिति ने एक माह का अतिरिक्त समय मांगा, जिसे ट्रस्टी मंडल ने स्वीकार कर लिया और सीईओ की नियुक्ति में इस विलंब के कारण एक सचिव की नियुक्ति की स्वीकृति दी।
मोहन ने यह भी बताया कि मीडिया के माध्यम से समाज के साथ संवाद की निरंतरता की आवश्यकता पर विचार करते हुए ट्रस्ट ने एक प्रवक्ता नियुक्त करने का निर्णय भी लिया है।
उन्होंने बताया कि ट्रस्टी मंडल ने ट्रस्टियों के रिक्त स्थानों की पूर्ति के लिए किया जा रहे प्रयासों का संज्ञान लिया और पाया कि इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने में कुछ और सप्ताह लगेंगे।
मोहन ने दावा किया कि तमाम दुष्प्रचार और आरोपों के बावजूद श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या यथावत है जो इस बात का प्रमाण है कि आधारहीन, मिथ्य और भ्रामक आरोपों के बाद भी करोड़ों राम भक्तों की आस्था व विश्वास अटूट है।
उन्होंने बताया कि ट्रस्टी मंडल ने इस अटूट समर्थन के लिए संपूर्ण संत समुदाय, देश-विदेश से आ रहे भक्तों और अयोध्या वासियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि ट्रस्ट ने मंदिर के सारे धार्मिक कार्यों का दायित्व अयोध्या के संतों को सौंपने का फैसला लेते हुए ‘धार्मिक समिति’ का पुनर्गठन किया है।
उन्होंने बताया कि इस समिति में अयोध्या के पांच संत महंत कमल नयन दास, स्वामी रामानंद जी महाराज, राजकुमार दास जी महाराज, स्वामीन मिथिलेश नंदनी शरण जी महाराज और स्वामी दिनेंद्र राज महाराज शामिल हैं।
गिरि ने बताया कि उनकी अध्यक्षता वाली इस समिति में उनके साथ-साथ तीन अन्य लोग भी इस समिति के सदस्य होंगे।
उन्होंने बताया कि यह समिति राम मंदिर में रोजाना होने वाली पूजा को वैदिक रामनंदीय परम्परा के अनुसार सम्पन्न कराने, उत्सवों एवं पर्वों को मनाने का दिन निर्धारण करके उनका आयोजन करने तथा पूजा-पाठ से जुड़े अन्य तमाम विषयों पर निर्णय लेगी।
उन्होंने बताया कि ट्रस्ट ने पुजारियों के प्रशिक्षण की परम्परा को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिये एक स्थायी पाठशाला शुरू करने का भी निर्णय लिया है।
भाषा किशोर सलीम जोहेब
जोहेब