संसद में जवाब देने से डर रहे हैं या संसद का अपमान कर रहे हैं प्रधानमंत्री और गृह मंत्री: खरगे
संसद में जवाब देने से डर रहे हैं या संसद का अपमान कर रहे हैं प्रधानमंत्री और गृह मंत्री: खरगे
नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी तथा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर जवाब देने से ‘‘डरे हुए’’ हैं या फिर संसद का अपमान कर रहे हैं।
खरगे ने इन दोनों मुद्दों पर सच्चाई सामने लाने के लिए संसद के दोनों सदनों में चर्चा कराने की मांग की।
इन मुद्दों को लेकर विपक्षी सदस्य लोकसभा और राज्यसभा, दोनों में विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके कारण संसद की कार्यवाही बाधित हुई है।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खरगे ने यह मामला सदन में भी उठाया, लेकिन उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बहुमूल्य चढ़ावे, नकद दान, भूमि खरीद और प्रबंधन से जुड़ी कथित अनियमितताओं तथा धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप सामने आए हैं।
खरगे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला है। इस ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया था और इसकी घोषणा स्वयं प्रधानमंत्री मोदी ने सदन में की थी।’’
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार ने ट्रस्ट को 70 एकड़ से अधिक भूमि सौंपी थी और भूमि पूजन से लेकर प्राण प्रतिष्ठा समारोह तक हर महत्वपूर्ण अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी मौजूद रहे।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री चढ़ावे की कथित चोरी सहित गंभीर आरोपों से अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। उन्हें सदन को बताना चाहिए कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), आयकर विभाग और अन्य जांच एजेंसियां कहां हैं?
खरगे ने कहा, ‘‘जो लोग भगवान राम के नाम पर लूट कर रहे हैं, उन्हें पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए और राष्ट्र को गुमराह करना बंद करना चाहिए।’’
बाद में संसद परिसर के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में खरगे ने कहा कि उनकी मांग है कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सदन में आएं ताकि संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चल सके।
उन्होंने कहा, ‘‘हम चर्चा चाहते हैं।’’
खरगे ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि सभापति और लोकसभा अध्यक्ष दोनों सदनों में चर्चा की अनुमति दें। यदि कथित राम मंदिर दान चोरी और छात्रों के खिलाफ कथित बर्बरता के मुद्दे पर चर्चा होगी तो सच्चाई अपने आप सामने आ जाएगी, लेकिन किसी कारणवश सरकार घबराई हुई नजर आती है।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘इतना ही नहीं, गृह मंत्री अमित शाह भी सदन में नहीं आ रहे हैं। या तो वह डरे हुए हैं या फिर यहां नहीं आकर संसद का अपमान करना चाहते हैं।’’
भाषा हक हक नरेश
नरेश

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