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नयी दिल्ली, सात फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को मलेशिया की दो दिवसीय यात्रा पर रवाना हो गए, जिसका उद्देश्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देश के साथ भारत की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाना है।
मलेशिया यात्रा पर रवाना होने से पहले अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच गहन रक्षा सहयोग और मजबूत आर्थिक जुड़ाव को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी।
मोदी रविवार को मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ व्यापक वार्ता करेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच सहयोग को और बढ़ाने के लिए कई समझौतों पर पहुंचने की उम्मीद है।
मोदी ने कहा, ‘‘भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंधों में हाल के वर्षों में निरंतर प्रगति हुई है। मैं प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ होने वाली चर्चाओं और हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने को लेकर आशान्वित हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य अपने रक्षा और सुरक्षा संबंधों को गहरा करना, अपनी आर्थिक और नवाचार साझेदारी को बढ़ाना तथा नए क्षेत्रों में अपने सहयोग का विस्तार करना है।’’
भारत और मलेशिया ने अगस्त 2024 में अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया।
प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में भारत एक बार फिर मलेशिया पर विवादास्पद इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के लिए दबाव डालने वाला है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा में एक व्यापक एजेंडा शामिल है और इससे भारत और मलेशिया के बीच विशेष साझेदारी को अत्यंत बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री शनिवार दोपहर मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में एक कार्यक्रम में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे।
मोदी ने कहा, ‘‘मैं मलेशिया में रहने वाले भारतीय समुदाय से मिलने के लिए भी उत्सुक हूं। मलेशिया में भारतीयों की आबादी लगभग 30 लाख है जो दुनिया के सबसे बड़े भारतीय प्रवासी समुदायों में से एक का प्रतिनिधित्व करते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मलेशिया की प्रगति में उनका अमूल्य योगदान और दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु के रूप में उनकी भूमिका हमारी ऐतिहासिक मित्रता कसे एक मजबूत नींव प्रदान करती है।’’
भाषा सुरभि नेत्रपाल
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