देश के संसाधनों को बड़ी कंपनियों के हाथों में सौंप रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी : खरगे

देश के संसाधनों को बड़ी कंपनियों के हाथों में सौंप रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी : खरगे

देश के संसाधनों को बड़ी कंपनियों के हाथों में सौंप रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी : खरगे
Modified Date: January 12, 2026 / 04:43 pm IST
Published Date: January 12, 2026 4:43 pm IST

बेंगलुरु, 12 जनवरी (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मनरेगा को निरस्त करने और उसके स्थान पर ‘वीबी-जी राम जी’ नामक एक नयी ग्रामीण रोजगार योजना लागू करने के लिए केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है।

खरगे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ‘जनविरोधी’ करार देते हुए सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गरीबों की मदद करने के बजाय ‘देश के संसाधनों को बड़ी कंपनियों को सौंप’ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को निरस्त करने के खिलाफ कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार के विरुद्ध अपना संघर्ष जारी रखेगी।

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खरगे ने ‘विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन’ (वीबी – जी राम जी) को रद्द करने और उसके स्थान पर मनरेगा को बहाल करने की मांग भी की।

कांग्रेस अध्यक्ष ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘मैं किसी के भी बयान पर प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता। मनरेगा आम लोगों के लिए काम करने का अधिकार था। संविधान के निर्देशक सिद्धांतों के अनुच्छेद 41 के अनुसार, तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान सोनिया गांधी के नेतृत्व में इसे कानून के रूप में अधिनियमित किया गया था। उन्होंने एक ऐसे अधिनियम को रद्द कर दिया है जिसका उद्देश्य गरीबों का पेट भरना और उनकी मदद करना था।’’

उन्होंने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि केंद्र के इस कदम से पंचायतों के कामकाज में भी ‘बाधा’ आएगी।

खरगे ने कहा, “नए कानून के तहत 60:40 के लागत-साझाकरण अनुपात के साथ, राज्य सरकारों पर 30 प्रतिशत का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है, क्योंकि पहले केंद्र और राज्यों के बीच लागत-साझाकरण अनुपात 90:10 था।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का इरादा मनरेगा योजना को पूरी तरह से बंद करना और लोगों तक इसके लाभ पहुंचने से रोकना था।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार संप्रग काल की कल्याणकारी योजनाओं जैसे शिक्षा का अधिकार, खाद्य सुरक्षा का अधिकार और मनरेगा के तहत काम करने के अधिकार को व्यवस्थित रूप से निशाना बना रही है।

उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, “वे इन योजनाओं को गरीबों तक पहुंचने से रोकना चाहते हैं। मनरेगा गरीबों को दिया गया एक अधिकार था। ’’

मनरेगा के आलोचकों और इस योजना के तहत भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब देते हुए खरगे ने कहा कि केंद्र स्वयं ऑडिट करता है, और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) के अनुसार इस योजना के तहत झीलों, सड़कों, स्कूल भवनों और आंगनवाड़ियों सहित कई संपत्तियों का निर्माण किया गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया, ‘‘अगर भाजपा मनरेगा जैसी योजनाओं का विरोध कर रही है, तो वह जनविरोधी है। प्रधानमंत्री मोदी गरीबों की मदद करने के बजाय देश के संसाधनों को बड़ी कंपनियों को सौंप रहे हैं और मनरेगा के लिए 30 प्रतिशत धनराशि में कटौती कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं इसकी निंदा करता हूं। हम इसके खिलाफ लड़ रहे हैं, और यह लड़ाई जारी रहेगी। हम यहीं नहीं रुकेंगे। ’’

भाषा रवि कांत प्रशांत

प्रशांत


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