(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत शुरू की गई पहली विशेष ‘डॉल्फिन बचाव एम्बुलेंस’ की सराहना करते हुए उत्तर प्रदेश में एक गंगा डॉल्फिन को बचाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री ने इस पहल को गंगा नदी की जैव विविधता के संरक्षण की दिशा में उठाया गया कदम बताया।
रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 134वीं कड़ी में मोदी ने हाल में हुए उस बचाव अभियान का जिक्र किया जिसमें एक नहर में फंसी गंगा डॉल्फिन को सुरक्षित निकालकर उसका इलाज किया गया और उसे वापस राप्ती नदी में छोड़ दिया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत की पहली गंगा ‘डॉल्फिन बचाव एम्बुलेंस’ ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई। ये घटना उत्तर प्रदेश की है। वहां एक गंगा डॉल्फिन नहर में फंस गई थी। ऐसे समय में नमामि गंगे अभियान के तहत बनी ये एम्बुलेंस उसके लिए उम्मीद बनकर पहुंची।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘फिर बहुत सावधानी से उसे बाहर निकाला गया। उसकी जांच की गई, उसका इलाज किया गया और उसके बाद उसे सुरक्षित राप्ती नदी में छोड़ दिया गया।’’
मोदी ने कहा कि ये ‘डॉल्फिन बचाव एम्बुलेंस’ बहुत खास है। इसे एक चलते–फिरते अस्पताल की तरह तैयार किया गया है। इसमें डॉल्फिन को सुरक्षित रखने की व्यवस्था है।
उन्होंने कहा, ‘‘इसमें ऑक्सिजन की सुविधा है, विशेष स्ट्रेचर हैं, बचाव के उपकरण हैं, यानी अगर कोई डॉल्फिन घायल हो जाए, नहर में फंस जाए तो तुरंत उसकी मदद की जा सकती है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘साथियो, जब हम गंगा डॉल्फिन को बचाते हैं, तो हम सिर्फ एक प्रजाति को नहीं बचाते, हम गंगा की जैव विविधता को बचाते हैं। नदी के पूरे जीवन तंत्र को बचाते हैं और अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति की एक अमूल्य धरोहर भी बचाते हैं।’’
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने पिछले महीने उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में अपने बचाव अभियान की जानकारी साझा करते हुए बताया था कि नमामि गंगे मिशन के तहत शुरू डॉल्फिन एम्बुलेंस अब तक आठ गंगा डॉल्फिन का बचाव कर चुकी है।
भाषा आशीष अविनाश
अविनाश