प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अपने शब्दों का बहुत-बहुत सावधानी से इस्तेमाल किया: महबूबा
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अपने शब्दों का बहुत-बहुत सावधानी से इस्तेमाल किया: महबूबा
श्रीनगर, 13 सितंबर (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में दुनिया में मानवाधिकारों का हमेशा समर्थन करने वाले देश के रूप में भारत की भूमिका को रेखांकित करने का अवसर गंवा दिया।
महबूबा ने यहां पत्रकारों से कहा, “जिस तरह हमारे प्रधानमंत्री को ब्रिक्स के अध्यक्ष और मेजबान के रूप में बोलना चाहिए था, जिस मजबूती से उन्हें अपनी बात रखनी चाहिए थी, मुझे लगता है कि वह इससे पीछे हट गए। उन्होंने अपने शब्दों का बहुत-बहुत सावधानी से इस्तेमाल किया।”
उन्होंने कहा कि भारत को पूरी दुनिया में मानवाधिकार, मानवता और लोकतंत्र का समर्थन करने वाले देश के रूप में पहचाना जाता है।
जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री रह चुकी महबूबा ने कहा, “भारत ने हमेशा इस बात पर गर्व किया है कि उसकी विदेश नीति स्वतंत्र रही है। जवाहरलाल नेहरू के समय से ही भारत गुटनिरपेक्ष रहा है। लेकिन हमने गाजा के बारे में अपनी तरफ से कुछ नहीं कहा, जहां 20,000-22,000 निर्दोष बच्चे मारे गए। इसके बाद ईरान के नेताओं की हत्या कर दी गई और एक स्कूल में करीब 150 छात्राओं को जान गंवानी पड़ी। हमारी तरफ से इस पर भी कोई बात नहीं कही गई।”
महबूबा ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत अपनी नेतृत्वकारी भूमिका निभाने में पीछे रह गया। उन्होंने कहा, “हमें अध्यक्षता मिली, लेकिन हमारा मुंह बंद रहा।”
उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा स्वतंत्र रही है और नयी दिल्ली ने अमेरिका जैसी महाशक्ति का भी कभी ‘सहायक’ बनना स्वीकार नहीं किया।
उन्होंने कहा, “दुर्भाग्य से, पिछले कई वर्षों से हमारी विदेश नीति पूरी तरह बदल रही है। हम आतंकवादी हमलों की निंदा करने में भी सोचा-समझा रवैया अपना रहे हैं।”
महबूबा ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में जारी संयुक्त बयान का स्वागत किया, जिसमें पहलगाम हमले की निंदा की गई और पश्चिम एशिया में हो रही घटनाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया दी गई।
भाषा जोहेब रंजन
रंजन

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