पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ गिरोह का भंडाफोड़ किया, तीन नेपाली नागरिक गिरफ्तार

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पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ गिरोह का भंडाफोड़ किया, तीन नेपाली नागरिक गिरफ्तार

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  • Publish Date - July 3, 2026 / 04:40 PM IST,
    Updated On - July 3, 2026 / 04:40 PM IST

नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का भंड़ाफोड़ करते हुए करीब नौ करोड़ रुपये कीमत की साढ़े आठ किलोग्राम चरस बरामद की है और तीन नेपाली नागरिकों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी एक ‘मैसेजिंग ऐप’ का इस्तेमाल मादक पदार्थों की तस्करी के लिए कर रहे थे। इसके तहत वे ऑनलाइन माध्यम से नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने का ‘ऑर्डर’ प्राप्त करते और भुगतान भी बैंकिंग माध्यम से ही प्राप्त करते।

पुलिस ने कहा कि सभी आरोपी दक्षिणी दिल्ली के कोटला मुबारकपुर इलाके में रहते हैं और दिल्ली-एनसीआर में व्यावसायिक मात्रा में चरस की आपूर्ति करने में कथित तौर पर शामिल थे।

कोटला मुबारकपुर थाने में स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस ने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी में लगे तीन नेपाली नागरिकों के बारे में विशिष्ट खुफिया जानकारी के बाद अभियान शुरू किया गया था।

अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने 29 जून को नेपाली नागरिकों के आवास पर छापा मारा, जहां से प्रतिबंधित सामग्री बरामद हुई। पुलिस के अनुसार इसके बाद नेपाली नागरिकों भरत थापा(32) गोविंद बुद्ध (32), और ज्योति पुन मगर ( 50) को गिरफ्तार कर लिया गया।

उनके मुताबिक, ज्योति से 5.566 किलोग्राम, थापा से 1.552 किलोग्राम और बुद्ध से 1.480 किलोग्राम चरस बरामद की गई।

पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि ज्योति कथित तौर पर मुख्य आपूर्तिकर्ता था, जो नेपाल में स्थित संपर्क के जरिए मादक पदार्थ मंगाता था। यह व्यक्ति भारत-नेपाल सीमा पर सोनौली सरहद के पास सक्रिय है।

अधिकारियों ने कहा कि चरस को फिर दिल्ली लाया जाता, जहां थापा और बुद्ध कथित तौर पर इसे अन्य लोगों को बेचते।

पकड़े जाने से बचने के लिए वे हर लेन देन के बाद ऑनलाइन बातचीत और कॉल रिकॉर्ड को डिलीट कर देते थे और तस्करी के लिए ऑटोरिक्शा और बाइक टैक्सियों का इस्तेमाल करते थे।

पुलिस ने कहा कि गिरोह के और सदस्यों की पहचान करने और पैसों के लेन-देन का पता लगाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, डिजिटल भुगतान रिकॉर्ड और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है।

भाषा नोमान

नोमान पवनेश

पवनेश