‘फायर ऑडिट’ के लिए तृणमूल सांसद अभिषेक के कैमक स्ट्रीट दफ्तर पहुंची पुलिस, दमकल की टीम
‘फायर ऑडिट’ के लिए तृणमूल सांसद अभिषेक के कैमक स्ट्रीट दफ्तर पहुंची पुलिस, दमकल की टीम
कोलकाता, 31 अगस्त (भाषा) कोलकाता पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने सोमवार को अग्नि सुरक्षा और भवन योजना की जांच के लिए तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय का दौरा किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
यह दौरा कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की टीम द्वारा एक होर्डिंग हटाने के लिए परिसर का दौरा करने के चार दिन बाद हुआ है। उस दिन तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं और इमारत के निजी सुरक्षाकर्मियों के बीच टकराव शुरू हो गया था।
दमकल विभाग के अधिकारियों ने परिसर में सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और भवन योजना की भी पड़ताल की।
अग्निशमन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह एक नियमित नियामक जांच थी और इमारत का आकलन अग्नि सुरक्षा एवं और भवन संबंधी नियमों के आधार पर किया जाएगा।
दल के मुख्य अधिकारी ने कहा, ‘‘हम कई जांच करेंगे। हम पंप और पानी के प्रेशर की जांच करेंगे। शुरुआती जांच के आधार पर भूमिगत तल ठीक लग रहा है। हम यहां और जांच करेंगे।’’
यह हालिया दौरा बनर्जी के कैमक स्ट्रीट कार्यालय को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच हुआ है। तृणमूल का आरोप है कि प्रशासन की बार-बार की कार्रवाई राजनीतिक मकसद से प्रेरित है।
पार्टी ने पहले आरोप लगाया था कि पिछले बृहस्पतिवार को नगर निकाय अधिकारी और पुलिसकर्मी बनर्जी के कार्यालय पहुंचे थे और बिना कोई लिखित नोटिस या वैध आदेश की प्रति दिखाए होर्डिंग हटाने की कोशिश की थी।
इसके बाद बनर्जी ने राज्य प्रशासन पर अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल करने और उनके कार्यालय को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई राजनीतिक कारणों से की गई थी।
इस घटना के सिलसिले में तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इनमें सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा डालने, मारपीट करने और एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसे आरोप शामिल हैं।
दो प्राथमिकी में बनर्जी का नाम शामिल है।
पुलिस ने इन मामलों के सिलसिले में बनर्जी को एक सितंबर को दोपहर तक शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन में पेश होने के लिए बुलाया है।
बनर्जी ने यह सवाल भी उठाया है कि प्राथमिकी और पुलिस नोटिस की प्रति कोलकाता पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर क्यों उपलब्ध नहीं थीं।
पुलिस का कहना था कि प्राथमिकी तय समय के भीतर अपलोड कर दी गई थी और उसकी प्रति वेबसाइट पर उपलब्ध है।
इस मामले के सिलसिले में तृणमूल के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन को भी बुलाया गया है और उन्होंने पुलिस के सामने पेश होने के लिए सात दिन का समय मांगा है।
कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय में हाल ही में हुई जांच से इस कार्यालय से जुड़े राजनीतिक विवाद के चर्चा में बने रहने की संभावना है।
भाषा सुरेश नरेश
नरेश

Facebook


