आईसीजी में अधिकारियों की भर्ती में लैंगिक समानता व्यवस्था लागू करने के लिए नीतिगत सुधार की घोषणा

आईसीजी में अधिकारियों की भर्ती में लैंगिक समानता व्यवस्था लागू करने के लिए नीतिगत सुधार की घोषणा

आईसीजी में अधिकारियों की भर्ती में लैंगिक समानता व्यवस्था लागू करने के लिए नीतिगत सुधार की घोषणा
Modified Date: July 28, 2026 / 07:11 pm IST
Published Date: July 28, 2026 7:11 pm IST

नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) सरकार ने भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) में अधिकारियों की भर्ती के सिलसिले में लैंगिक समानता व्यवस्था लागू करने के लिए नीतिगत सुधारों की घोषणा की है। इन सुधारों का उद्देश्य महिलाओं को केंद्र में रखते हुए एक व्यापक एवं समान अवसर वाली व्यवस्था स्थापित करना है।

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि नीति की मुख्य विशेषताओं में महिला उम्मीदवारों की उनके पुरुष समकक्षों के समान अल्पकालिक सेवा नियुक्तियां (एसएसए) और स्थायी नियुक्तियां (पीए) शामिल हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को यहां कर्तव्य भवन-2 में आयोजित एक कार्यक्रम में आईसीजी के लिए दो महत्वपूर्ण नीतिगत सुधारों की घोषणा की।

इन सुधारों का उद्देश्य अधिकारियों की भर्ती और सेवा शर्तों में ‘‘लैंगिक समानता’’ को बढ़ावा देना तथा ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता हुए कर्मियों के परिवारों को अनुग्रह राशि देने की प्रशासनिक प्रक्रिया को आसान बनाना है।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘पहले नीतिगत निर्देश के तहत आईसीजी में अधिकारियों की भर्ती के लिए लैंगिक रूप से समान व्यवस्था लागू करके एक व्यापक, महिला-केंद्रित दृष्टिकोण स्थापित किया जाना है। नीति की मुख्य विशेषताओं में महिला उम्मीदवारों की उनके पुरुष समकक्षों के समान अल्पकालिक सेवा नियुक्तियां (एसएसए) और स्थायी नियुक्तियां (पीए) शामिल हैं।”

बयान में कहा गया है कि एसएसए का विकल्प पुरुष उम्मीदवारों के लिए भी खोल दिया गया है।

मंत्रालय ने कहा कि यह नीति प्रारंभिक प्रशिक्षण चरण से ही कैरियर में प्रगति के समान अवसर सुनिश्चित करती है।

मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में स्थायी नियुक्ति (पीए) पर कार्यरत महिला अधिकारियों को भी ‘‘योग्यता की शर्तें’’ पूरी करने पर उच्च पदों पर पदोन्नत किए जाने पर विचार किया जाएगा।

पिछले पांच दशकों में आईसीजी की उत्कृष्ट सेवा की सराहना करते हुए, सिंह ने विश्वास जताया कि ये दूरदर्शी नीतियां 2027 में स्वर्ण जयंती मनाने वाले तटरक्षक बल के मनोबल और संचालन क्षमता को और मजबूत करेंगी।

भाषा

जोहेब सुरेश

सुरेश


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