Pollution Certificate Mandatory. Image Source- IBC24
नई दिल्ली। Pollution Certificate Mandatory राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने सख्त कदम उठाने का ऐलान किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि गुरुवार (18 दिसंबर) से जिन वाहनों के पास प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUCC) नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। यानी वाहन में ईंधन भरवाने के लिए PUCC अनिवार्य होगा। सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि PUCC सर्टिफिकेट नहीं होने पर 7 लाख रुपये से अधिक का चालान किया जाएगा। इसके साथ ही दिल्ली से बाहर के BS-6 से कम मानक वाले वाहनों के राजधानी में प्रवेश पर भी सख्ती बरती जाएगी। ऐसे वाहन, चाहे वे निजी हों या व्यावसायिक, तुरंत सील किए जाएंगे।
Pollution Certificate Mandatory पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली के भीतर यदि कोई ट्रक निर्माण सामग्री लेकर आता है तो उसे भी सील किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति फिलहाल “फेयर स्टेज” में है और पिछले वर्ष की तुलना में इसमें सुधार देखने को मिला है। मंत्री के अनुसार, पिछले साल AQI 380 था, जो इस बार 363 दर्ज किया गया है। मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण को लेकर लगातार काम किया है। कूड़े के पहाड़ों को 15 मीटर तक कम किया गया है, जबकि 202 एकड़ में से 45 एकड़ क्षेत्र को साफ किया जा चुका है। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी कार्रवाई की गई है। डीपीसीसी द्वारा 2 हजार से अधिक नोटिस जारी किए गए हैं, जिनकी कुल राशि 9 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
पर्यावरण मंत्री ने बताया कि प्रदूषण कम करने के लिए 10 हजार से अधिक हीटर वितरित किए गए हैं, वहीं 3200 डीजल जनरेटरों पर कार्रवाई की गई है। दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देते हुए 5300 में से 3427 ईवी बसें सड़कों पर उतारी जा चुकी हैं। सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए वैज्ञानिकों की एक विशेष टीम का गठन किया है, जिसने 12 तारीख को अपनी पहली बैठक भी कर ली है। मंत्री ने दोहराया कि PUCC के बिना न पेट्रोल मिलेगा और न ही नियम तोड़ने वालों को बख्शा जाएगा।
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