कोट्टायम (केरल), 17 जुलाई (भाषा) केरल के बिजली मंत्री सनी जोसेफ ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का कोई भी फैसला जनता, राजनीतिक दलों और निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा। उन्होंने साथ ही आश्वासन दिया कि इस सप्ताहांत होने वाले फीफा विश्व कप फाइनल के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी।
राज्य में कमजोर मानसून के कारण उत्पन्न बिजली संकट को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में जोसेफ ने कहा कि कासरगोड के चीमेनी में परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाने का प्रस्ताव केरल की ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए विचाराधीन कई विकल्पों में से एक है।
उन्होंने कहा, ‘मैंने कभी नहीं कहा कि इसे थोपा जाएगा। मैंने केवल इतना कहा है कि इस मुद्दे पर जनता, जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों से चर्चा की जाएगी। हमें इस मामले में लोगों की राय सुननी होगी।’
जोसेफ ने कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन के उस बयान का स्वागत किया जिसमें उन्होंने कहा था कि ऐसी परियोजना लोगों पर थोपी नहीं जा सकती।
मंत्री ने कहा कि बिजली की मांग में तेज वृद्धि के कारण केरल गंभीर बिजली संकट का सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा, ‘पिछले साल हमारी अधिकतम बिजली जरूरत करीब 3,500-3,600 मेगावाट थी। इस साल यह बढ़कर 4,700-4,800 मेगावाट हो गई है। एक साल में करीब 1,100 मेगावाट की वृद्धि हुई है। केरल अपनी कुल बिजली जरूरत का केवल करीब 17 प्रतिशत हिस्सा ही जलविद्युत, सौर और पवन ऊर्जा स्रोतों से पैदा करता है।’
जोसेफ ने कहा कि कम बारिश के कारण राज्य के जलाशयों में जल भंडारण का स्तर काफी गिर गया है।
उन्होंने कहा, ‘पिछले साल जलाशयों में भंडारण करीब 60 प्रतिशत था। इस साल यह घटकर 28 प्रतिशत रह गया है। देशभर में बारिश में कमी आई है, जिससे बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है। वहीं बढ़ते तापमान, अधिक परिवार होने, इलेक्ट्रिक वाहनों, एयर कंडीशनर और अन्य उपकरणों के इस्तेमाल के कारण बिजली की खपत बढ़ी है।’
उन्होंने उपभोक्ताओं से बिजली बचाने की अपील की।
जोसेफ ने फुटबॉल प्रशंसकों को आश्वस्त किया कि रविवार देर रात फीफा विश्व कप फाइनल के दौरान बिजली आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘फाइनल के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। हम दिन और रात दोनों समय के लिए बिजली खरीद रहे हैं, क्योंकि बिजली आपूर्ति करने वाले राज्य केवल रात के लिए नहीं बल्कि पूरे समय की बिजली बेचने को प्राथमिकता देते हैं।’’
भाषा
शुभम वैभव
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