‘पीआर’ से जीडीपी की तस्वीर चमकाई जा सकती है, अर्थव्यवस्था नहीं: कांग्रेस
'पीआर' से जीडीपी की तस्वीर चमकाई जा सकती है, अर्थव्यवस्था नहीं: कांग्रेस
नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) कांग्रेस ने हाल ही जारी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों को लेकर बुधवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि मोदी सरकार को समझना होगा कि ‘पीआर’ से जीडीपी की तस्वीर चमकाई जा सकती है, अर्थव्यवस्था नहीं।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि सरकार अपनी टीम और मीडिया के जरिए आंकड़ों की बाजीगरी से तैयार की गई जीडीपी बढ़ोतरी का ढोल पीट रही है, जबकि यह जमीनी हकीकत के बिल्कुल उलट है।
उन्होंने पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग के आकलन का हवाला देते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि देश की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर करीब 2.6 प्रतिशत है, न कि 7.8 प्रतिशत नहीं है।
रमेश ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि अर्थव्यवस्था सचमुच मजबूत हो, लेकिन मजबूत अर्थव्यवस्था का रास्ता झूठ के आधार पर गढ़े गए आंकड़ों को सजाने से नहीं, सच्चाई स्वीकार करने से निकलता है।’
उनका कहना है कि सरकार को पहले वास्तविक आर्थिक स्थिति स्वीकार करनी चाहिए और फिर सुधारों पर ध्यान देना चाहिए। उनके मुताबिक, युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों और निजी निवेश को बढ़ावा देने, मांग तथा आमदनी बढ़ाने और आर्थिक असमानता कम करने की जरूरत है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार को ‘मित्र पूंजीपतियों’ को बढ़ावा देने के बजाय निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करनी चाहिए।
रमेश ने कहा कि जिस जीडीपी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देशवासियों से पटाखे फोड़ने और दीवाली मनाने को कह रहे हैं, उस पर गंभीर सवाल खुद उनके पूर्व वित्त सचिव उठा रहे हैं।
देश की अर्थव्यवस्था अप्रैल-जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी। इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाने वालों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘‘निराशावादी नाकाम हुए और भारत एक बार फिर फला-फूला।’’
भाषा हक सुरभि मनीषा
मनीषा

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