दिल्ली में ईद-उल-अजहा के मौके पर कड़ी सुरक्षा के बीच नमाज अदा की गई

दिल्ली में ईद-उल-अजहा के मौके पर कड़ी सुरक्षा के बीच नमाज अदा की गई

दिल्ली में ईद-उल-अजहा के मौके पर कड़ी सुरक्षा के बीच नमाज अदा की गई
Modified Date: May 28, 2026 / 10:35 am IST
Published Date: May 28, 2026 10:35 am IST

नयी दिल्ली, 28 मई (भाषा) दिल्ली में बृहस्पतिवार को ईद-उल-अजहा की नमाज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्वक अदा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त कर्मियों, दंगा विरोधी वाहनों और त्वरित प्रतिक्रिया दलों को तैनात किया था।

पुलिस ने बताया कि शहर भर की प्रमुख मस्जिदों, ईदगाहों और चिन्हित संवेदनशील स्थानों सुबह से ही व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। उत्तर-पूर्वी और उत्तरी दिल्ली जिलों में विशेष ध्यान दिया गया था।

उसने बताया कि त्योहार से जुड़ी किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट, अफवाह या आपत्तिजनक वीडियो के प्रसार को रोकने के लिए साइबर टीम सोशल मीडिया मंचों पर लगातार नजर रख रहे हैं।

पुलिस उपायुक्त (उत्तर-पूर्वी) राहुल अलवाल ने बताया कि ईद-उल-अजहा के मद्देनजर उत्तर-पूर्वी जिले में करीब 1,100 पुलिसकर्मियों के साथ अतिरिक्त सुरक्षा बलों की 23 कंपनियां तैनात की गई थीं।

डीसीपी ने बताया कि सुबह पांच बजे से ही सभी प्रमुख नमाज स्थलों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई थी तथा मंदिरों के आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।

अधिकारी ने बताया कि त्योहार के दौरान सांप्रदायिक सद्भाव सुनिश्चित करने के लिए सहायक पुलिस आयुक्तों (एसीपी) और थाना प्रभारियों (एसएचओ) ने पिछले कुछ हफ्तों में अमन समितियों और स्थानीय समुदाय के नेताओं के साथ नियमित बैठकें की थीं।

राहुल अलवाल ने कहा, “हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि खुले में किसी भी तरह से पशुओं की कुर्बानी न दी जाए और पशुओं का अपशिष्ट सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर न फेंका जाए। दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

उत्तरी दिल्ली में पुलिस ने त्योहार से पहले सदर बाजार, ईदगाह, कुरैश नगर, कुतुब रोड और बाड़ा हिंदू राव जैसे संवेदनशील इलाकों में मार्च किया।

पुलिस उपायुक्त (उत्तरी) राजा बांठिया ने बताया कि इसका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मनाना और ईद-उल-अजहा के लिए जारी दिशा-निर्देशों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

भाषा प्रचेता रंजन

रंजन


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