चेन्नई, नौ जुलाई (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के करूर दौरे की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं जो कि शुक्रवार के लिए प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभालने के बाद से इस शहर की यह उनकी पहली यात्रा है। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि पिछले साल सितंबर में हुई भगदड़ के बाद इस जिले का उनका यह पहला दौरा है, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई थी।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रशासनिक और भावनात्मक दोनों तरह का महत्व रखने वाली इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री जिलाधिकारी कार्यालय में भगदड़ पीड़ितों के परिवारों से मिलेंगे।
राज्य सरकार के पुनर्वास प्रयासों के तहत वह प्रत्येक पीड़ित परिवार के एक पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। इसके साथ ही सत्ता में आने के बाद किया गया सरकार का एक प्रमुख वादा भी पूरा होगा।
विजय के दौरे को 24 घंटे से भी कम समय बचा है, जिससे करूर में हलचल काफी बढ़ गई है।
स्थानीय अधिकारी, सरकारी कर्मचारी और सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं कि कार्यक्रम बिना किसी बाधा के आगे बढ़े।
मुख्य स्थल पर बड़े पंडाल बनाए गए हैं, जहां मुख्यमंत्री एक विशाल जनसभा को संबोधित कर सकते हैं और जिले में कई कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत कर सकते हैं।
भीड़भाड़ रोकने के लिए मुख्य कार्यक्रम स्थलों पर पहुंच को विशेष प्रवेश-निकास बफर जोन के माध्यम से सख्ती से नियंत्रित किया गया है।
सार्वजनिक कार्यक्रम स्थल पर अधिकतम करीब 5,000 लोगों के प्रवेश की अनुमति होगी। प्रवेश केवल डिजिटल क्यूआर-कोड पास रखने वाले लोगों को ही दिया जाएगा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शहरभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 5,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से सभी विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ आपातकालीन निकास मार्गों, चिकित्सा तैयारियों और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा कर रहे हैं, ताकि कार्यक्रम का आयोजन सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके।
भाषा खारी मनीषा
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