राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू यूरोप के तीन देशों की यात्रा पर रवाना

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू यूरोप के तीन देशों की यात्रा पर रवाना

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू यूरोप के तीन देशों की यात्रा पर रवाना
Modified Date: July 19, 2026 / 04:02 pm IST
Published Date: July 19, 2026 4:02 pm IST

नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू व्यापार, प्रौद्योगिकी एवं अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को प्रगाढ़ करने तथा लोगों के बीच पारस्परिक संबंध को मजबूत करने के उद्देश्य से रविवार को मोल्दोवा, उत्तरी मकदूनिया और रोमानिया की यात्रा पर रवाना हुईं।

मुर्मू की यात्रा का पहला चरण सोमवार से मोल्दोवा से शुरू होगा। यह किसी भी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा की पहली यात्रा होगी।

राष्ट्रपति भवन ने उनके प्रस्थान के तुरंत बाद ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मोल्दोवा गणराज्य, उत्तरी मकदूनिया गणराज्य और रोमानिया की राजकीय यात्रा पर रवाना हुईं।’’

पोस्ट के अनुसार, ‘‘यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा और उत्तरी मकदूनिया की पहली यात्रा है। वहीं, रोमानिया की यात्रा तीन दशक से अधिक के अंतराल के बाद हो रही है।’’

मुर्मू मोल्दोवा की राष्ट्रपति माया संदू के साथ द्विपक्षीय और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगी। इसके अलावा, वह मोल्दोवा की संसद के अध्यक्ष इगोर ग्रोसु से भी मुलाकात करेंगी।

राष्ट्रपति का मोल्दोवा-भारत संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों के साथ संवाद, भारत-मोल्दोवा व्यापार मंच को संबोधित करने और वहां रह रहे भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात का भी कार्यक्रम है।

विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा, ‘‘भारत और मोल्दोवा के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। राष्ट्रपति की यह यात्रा महत्वपूर्ण साबित होगी तथा द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक साझेदारी के नए मुकाम पर ले जाएगी।’’

बयान में कहा गया कि कृषि, स्वास्थ्य सेवा, औषधि उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं।

राष्ट्रपति मुर्मू 21 से 22 जुलाई तक उत्तरी मकदूनिया की यात्रा करेंगी। राष्ट्रपति गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा के निमंत्रण पर होने वाली यह यात्रा भी किसी भारतीय राष्ट्रपति की इस देश की पहली यात्रा होगी।

उत्तरी मकदूनिया में राष्ट्रपति मुर्मू अपनी समकक्ष राष्ट्रपति सिलजानोवस्का-दवाकोवा के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। इसके अलावा, वह प्रधानमंत्री ह्रिस्टिजन मिकोस्की, संसद के अध्यक्ष से मुलाकात करेंगी तथा उत्तर मैसेडोनिया की संसद को संबोधित भी करेंगी।

राष्ट्रपति भारत-उत्तरी मकदूनिया व्यापार मंच को भी संबोधित करेंगी। दोनों देश कृषि, औषधि उद्योग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग को और मजबूत करना चाहते हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने रविवार को ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘यह यात्रा तीनों देशों के साथ भारत के संबंधों को एक नयी गति प्रदान करेगी।’’

विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने शुक्रवार को कहा, ‘‘तीन देशों की यह यात्रा मध्य और पूर्वी यूरोप के साथ भारत के बढ़ते जुड़ाव को प्रदर्शित करती है और इस क्षेत्र के देशों के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत करने के हमारे संकल्प को फिर से दोहराती है। यह यूरोप के साथ भारत के व्यापक जुड़ाव और यूरोपीय संघ के साथ रणनीतिक साझेदारी को भी आगे बढ़ाती है।’’

विदेश मंत्रालय के अनुसार, रोमानिया के राष्ट्रपति निकुसोर डैन के निमंत्रण पर मुर्मू 23 से 25 जुलाई तक इस देश की यात्रा करेंगी। तीन दशक से भी अधिक समय के बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति का इस दक्षिण-पूर्वी यूरोपीय देश का पहला दौरा होगा।

राष्ट्रपति मुर्मू भारत-रोमानिया ‘बिजनेस फोरम’ को भी संबोधित करेंगी और प्रवासी भारतीयों से बातचीत करेंगी।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘रोमानिया यूरोपीय संघ में एक अहम साझेदार है और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के पूरा होने से आगामी वर्षों में दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी और मजबूत होगी।’’

मंत्रालय के अनुसार, मुर्मू का इन तीन देशों का दौरा यह प्रदर्शित करता है कि भारत इन देशों के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और इस क्षेत्र के साथ संबंधों को कितना महत्व देता है।

मोल्दोवा, उत्तरी मकदूनिया और रोमानिया ने पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की निंदा की थी और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया था।

भाषा खारी सुभाष

सुभाष


लेखक के बारे में