जीटीबी अस्पताल में पंखा गिरने के बाद मरीज की मौत, अस्पताल ने बीमारी को बताया मौत का कारण

जीटीबी अस्पताल में पंखा गिरने के बाद मरीज की मौत, अस्पताल ने बीमारी को बताया मौत का कारण

जीटीबी अस्पताल में पंखा गिरने के बाद मरीज की मौत, अस्पताल ने बीमारी को बताया मौत का कारण
Modified Date: July 19, 2026 / 11:47 pm IST
Published Date: July 19, 2026 11:47 pm IST

नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) दिल्ली स्थित गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में छत का पंखा 42 वर्षीय एक मरीज पर कथित रूप से गिर गया जिसके तीन घंटे बाद उसकी मौत हो गई, लेकिन अस्पताल का कहना है कि मरीज की मौत पंखा गिरने की घटना से नहीं, बल्कि पहले से मौजूद गंभीर बीमारियों के कारण हुई।

मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों ने घटना की जांच की मांग की।

अस्पताल ने हालांकि एक आधिकारिक बयान में कहा कि मरीज की मौत पंखा गिरने की घटना से नहीं, बल्कि पहले से मौजूद गंभीर बीमारियों के कारण हुई।

अस्पताल के अनुसार, मरीज को बेहोशी की हालत में भर्ती कराया गया था तथा वह अनियंत्रित उच्च रक्तचाप, दौरा पड़ने या मस्तिष्क संबंधी विकार से पीड़ित था और उसे ‘एस्पिरेशन निमोनिया’ के कारण सांस लेने में गंभीर दिक्कत भी थी।

अस्पताल ने यह भी कहा कि शुरुआती जांच में पाया गया कि पंखे की छड़ टूटने के कारण वह नीचे गिरा।

घटना का प्रत्यक्षदर्शी होने का दावा करने वाले अधिवक्ता असलम कुरैशी ने कहा, ‘‘मैं अपने भाई से मिलने वार्ड में गया था, तभी मैंने छत का पंखा एक मरीज पर गिरते देखा। मैंने तुरंत घटना का वीडियो बना लिया। मरीज की उम्र करीब 50 साल लग रही थी और उसे एक दिन पहले ही भर्ती कराया गया था। घटना से पहले वह ठीक था, लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई। चिकित्सक कह रहे हैं कि पंखा एक नर्स पर गिरा था लेकिन मैं वहां मौजूद था और मैंने उसे मरीज पर गिरते देखा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘चिकित्सक देरी से मरीज के पास पहुंचे। अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही बरती है। मरीजों के लिए लगाए गए पंखे और एयर कंडीशनर ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, जबकि चिकित्सकों को वातानुकूलित सुविधाएं मिली हुई हैं। यहां मरीजों की जान की कोई कीमत नहीं है।’’

अस्पताल ने बताया कि यह घटना शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे वार्ड-27 के एक कक्ष में हुई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, छत का पंखा अचानक ढीला होकर सीधे मरीज के बिस्तर पर गिरा और अकबर के पेट पर लगा जिसके तुरंत बाद अस्पताल कर्मियों ने उसका उपचार शुरू किया।

अस्पताल ने बताया कि मरीज की रविवार दोपहर मौत हो गई।

अकबर के परिजन रविवार सुबह अस्पताल पहुंचे और घटना की गहन जांच की मांग की। उनका आरोप है कि यह घटना रखरखाव और मरीजों की सुरक्षा में गंभीर लापरवाही को दर्शाती है।

प्रत्यक्षदर्शियों और वार्ड में मौजूद अन्य मरीजों के परिजनों ने भी आरोप लगाया कि पंखा अचानक टूटकर अकबर के बिस्तर पर गिरा जिससे उसकी मौत हो गई।

वार्ड में मौजूद कई लोगों ने दावा किया कि वहां लगे कई एयर कंडीशनर या तो खराब हैं या उनके कुछ हिस्से गायब हैं, जिसके कारण उमस भरे मौसम में पंखे ही हवा का मुख्य जरिया बने हुए हैं।

मरीजों के परिजनों ने घटना पर नाराजगी जताई और सरकारी अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति पर सवाल उठाए।

मरीज के साथ आए एक तीमारदार ने कहा, ‘‘क्या मरीजों को इस तरह का इलाज मिल रहा है?’’

अस्पताल में एक अन्य व्यक्ति ने आरोप लगाया कि उसके भाई को पहले गलत सुई लगाई गई थी, जिसे बाद में अस्पताल कर्मियों ने बदल दिया। उसने कहा, ‘‘पहले उन्होंने उसके हाथ में गलत सुई लगाई और फिर वापस आकर उसे बदल दिया।’’

अस्पताल ने कहा कि पंखा गिरने की घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का रखरखाव दल मौके पर पहुंचा। उसने कहा कि दल ने प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित किया, क्षतिग्रस्त पंखा हटाया और उसकी जगह नया पंखा लगाकर सुविधा बहाल कर दी।

अस्पताल के अनुसार, रविवार को की गई विस्तृत जांच में पाया गया कि ‘‘पंखे की छड़ टूटने के कारण छत का पंखा गिरा।’’

अस्पताल ने कहा कि इस तरह की खराबी ‘‘बेहद असामान्य है और सामान्य स्थिति में इसकी आशंका नहीं होती।’’ उसने कहा कि अस्पताल प्रशासन घटना की विस्तृत जांच करेगा।

अस्पताल ने यह भी कहा कि घटना के तुरंत बाद मरीज की चिकित्सकीय जांच की गई और पंखा गिरने से लगी किसी संभावित चोट का पता लगाने के लिए उसका गहन परीक्षण किया गया। अस्पताल ने कहा, ‘‘शरीर पर बाहरी चोट का कोई निशान नहीं मिला।’’

उसने कहा कि घटना में ‘‘किसी मरीज, तीमारदार या स्वास्थ्यकर्मी को कोई गंभीर चोट नहीं आई।’’

अस्पताल ने कहा कि मरीज का शव उसके परिजनों को सौंप दिया गया है। उसने कहा कि ‘‘मरीज की मौत का कारण पहले से मौजूद गंभीर बीमारी थी और इसका इस घटना से कोई संबंध नहीं था।’’

भाषा सिम्मी संतोष

संतोष


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