राष्ट्रपति ने 66 पद्म पुरस्कार प्रदान किये; अभिनेता धर्मेंद्र, वायलिन वादक एन राजम सम्मानित
राष्ट्रपति ने 66 पद्म पुरस्कार प्रदान किये; अभिनेता धर्मेंद्र, वायलिन वादक एन राजम सम्मानित
(फोटो सहित)
नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को यहां राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह में अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत और शास्त्रीय संगीतकार एवं वायलिन वादक एन राजम को पद्म विभूषण से सम्मानित किया।
धर्मेंद्र को कला के क्षेत्र में असाधारण और उत्कृष्ट सेवा के लिए यह पुरस्कार दिया गया जिसे उनकी पत्नी और भारतीय जनता पार्टी की सांसद हेमा मालिनी ने ग्रहण किया। दर्शकों के बीच बैठी उनकी बेटी अहाना देओल इस दौरान भावुक हो गईं।
राजम को भारतीय शास्त्रीय संगीत में उनके अहम योगदान के लिए, खासकर ‘गायकी अंग’ शैली के माध्यम से वायलिन प्रस्तुति को नया स्वरूप प्रदान करने के लिए सम्मानित किया गया।
मुर्मू ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी; चुनौतियों का सामना कर रहे पारंपरिक भारतीय कला ‘अवधान’ को पुनर्जीवित करने वाले शतावधानी आर गणेश; कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय सुरेश कुमार कोटक; और उदर रोग विशेषज्ञ कल्लीपट्टी रामासामी पलानीस्वामी को पद्म भूषण से सम्मानित किया।
राष्ट्रपति ने विज्ञापन गुरु पीयूष पांडे और पूर्व सांसद विजय कुमार मल्होत्रा को भी मरणोपरांत इस सम्मान से नवाजा। पांडे की पत्नी और मल्होत्रा के बेटे ने सम्मान प्राप्त किया।
राष्ट्रपति ने वर्ष 2026 के लिए 131 पद्म पुरस्कार देने की मंजूरी दी है। इनमें पांच पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं। सोमवार को आयोजित समारोह में उन्होंने दो पद्म विभूषण, छह पद्म भूषण और 58 पद्म श्री पुरस्कार प्रदान किए।
सूत्रों के अनुसार, शेष पद्म पुरस्कार बाद में आयोजित होने वाले समारोह के दूसरे चरण में प्रदान किए जाएंगे।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर भुल्लर, अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी, पैरा एथलीट प्रवीण कुमार और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के पूर्व महानिदेशक के. विजय कुमार को पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
लोक संगीतकार मीर हाजी कसम, तमिल भक्ति संगीत कलाकार एन स्वामीनाथन और पारंपरिक वाद्य यंत्र ‘अल्गोजा’ बजाने के लिए प्रसिद्ध राजस्थान के लोक कलाकार तगाराम भील को कला और संस्कृति में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
सिलंबम के उस्ताद के. पजानिवेल को प्राचीन तमिल मार्शल आर्ट को बढ़ावा देने के लिए, जबकि हॉकी कोच बलदेव सिंह को कई शीर्ष भारतीय खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने के लिए सम्मानित किया गया।
कांथा कढ़ाई कलाकार तृप्ति मुखर्जी को भी सम्मानित किया गया।
सामाजिक कार्यकर्ता जनार्दन बापुराव बोथे को ग्रामीण उत्थान और ग्रामगीता दर्शन के प्रचार-प्रसार के लिए सम्मानित किया गया। वहीं, दंपति रामचंद्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले को छत्तीसगढ़ के कभी नक्सल प्रभावित रहे बस्तर क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक समय तक आदिवासी समुदायों को स्वास्थ्य सेवाएं और सामाजिक सहयोग प्रदान करने के लिए सम्मानित किया गया।
राष्ट्रपति ने पुस्तक प्रेमी अंकेगौड़ा एम, पर्यावरणविद् देवकी अम्मा जी, संस्कृत विद्वान वेम्पती कुतुंबा शास्त्री, वनस्पतिशास्त्री गंभीर सिंह योनजोन और पर्यावरणविद् हैली वार सहित अन्य विशिष्ट नागरिकों को पद्म श्री से सम्मानित किया।
राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में हुए इस समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम की प्रस्तुति से हुई, जिसके बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गाया गया।
समारोह में उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत अन्य शामिल हुए।
पद्म पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के मौके पर की जाती है। ये प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल और सिविल सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रदान किये जाते हैं।
भाषा आशीष माधव
माधव

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