फीस वृद्धि सीमा तय करने पर पंजाब के निजी स्कूलों का विरोध, सरकार को कानूनी चुनौती देने की चेतावनी

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फीस वृद्धि सीमा तय करने पर पंजाब के निजी स्कूलों का विरोध, सरकार को कानूनी चुनौती देने की चेतावनी

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  • Publish Date - July 21, 2026 / 09:21 PM IST,
    Updated On - July 21, 2026 / 09:21 PM IST

चंडीगढ़, 21 जुलाई (भाषा) पंजाब के निजी स्कूल संगठनों ने राज्य सरकार के उस अध्यादेश का विरोध किया है, जिसमें वार्षिक शुल्क वृद्धि को पांच प्रतिशत तक सीमित किया गया है और पिछले तीन वर्षों में तय सीमा से अधिक वसूले गए शुल्क को लौटाने का निर्देश दिया गया है।

नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स अलायंस (एनआईएसए) के अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा और रिकॉग्नाइज्ड एफिलिएटेड स्कूल्स एसोसिएशन (रासा) पंजाब के अध्यक्ष हरपाल सिंह (यूके) ने सरकार से नीति लागू करने से पहले निजी स्कूल संगठनों, अभिभावकों, शिक्षाविदों और वित्तीय विशेषज्ञों से परामर्श करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि यदि इस मुद्दे का समाधान नहीं निकला तो निजी स्कूल कानूनी राहत के लिए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का रुख करेंगे।

शर्मा ने कहा कि माता-पिता के हितों की रक्षा करना जरूरी है, लेकिन सरकार को स्कूलों की आर्थिक स्थिरता, शिक्षकों के लिए उचित वेतन और छात्रों के लिए अच्छी शिक्षा भी सुनिश्चित करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्कूलों ने शिक्षकों के वेतन, अवसंरचना, लैब, ‘स्मार्ट क्लासरूम’, डिजिटल शिक्षा, सुरक्षा उपायों और खेल सुविधाओं पर भारी निवेश किया है और पिछली शुल्क वापस करने से उनपर भारी आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

संगठन ने कहा कि कई निजी स्कूल अब भी कोविड-19 महामारी के दौरान हुए नुकसान से उबरे नहीं हैं और कामकाज जारी रखने के लिए लिए गए ऋण चुका रहे हैं।

भाषा

राखी सुरेश

सुरेश