प्रधानमंत्री को कैमरे का ऐंगल नहीं, दिल का एंगल बदलना पड़ेगा: प्रियंका गांधी
प्रधानमंत्री को कैमरे का ऐंगल नहीं, दिल का एंगल बदलना पड़ेगा: प्रियंका गांधी
नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने मंगलवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपने सलाहकार बदल देने चाहिए और यदि सरकार ‘जेन जेड’ का भरोसा वापस जीतना चाहती है तो प्रधानमंत्री को ‘कैमरे का ऐंगल’ नहीं, बल्कि ‘दिल का ऐंगल’ भी बदलना पड़ेगा।
उन्होंने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को इसका जवाब देना चाहिए कि किसके आदेश पर छात्रों के खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था।
कांग्रेस सांसद ने सवाल किया, ‘‘क्या हमारे छात्र आतंकवादी हैं?’’
प्रियंका ने कहा कि देश की जनता सरकार से जवाबदेही मांग रही है, लेकिन उसे जवाब नहीं मिल रहा है।
उन्होंने 20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर किये गए बल प्रयोग का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि आंसू गैस के गोले छोड़ने, लाठीचार्ज करने और पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया?
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस पर जवाब देना चाहिए।
केरल के वायनाड से लोकसभा सदस्य ने कहा कि यह देश ‘‘सांसदों की जागीर नहीं, बल्कि जनता की अमानत’’ है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जनता के सवालों का जवाब दे।
प्रियंका गांधी ने दावा किया कि आज युवाओं को लगने लगा है कि मेहनत से ज्यादा बेईमानी मायने रखती है।
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को लेकर कहा कि इसमें गंभीर खामियां हैं, बच्चे आत्महत्या कर रहे हैं और परिवार कर्ज लेकर पढ़ाई करा रहे हैं।
प्रियंका ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक हुए, लेकिन किसी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि शिक्षा प्रणाली खुद विफल हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री (धर्मेंद्र प्रधान) ने ‘शर्मनाक परिस्थितियों’ में इस्तीफा दिया, लेकिन संसद परिसर में सत्तापक्ष के सांसदों ने उनका ‘सुपरस्टार की तरह स्वागत’ किया।
उन्होंने सवाल किया कि सरकार को आखिर किस बात का अहंकार है?
प्रियंका गांधी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री को अपने सलाहकार बदल देने चाहिए। शायद वह असलियत से दूर जा चुके हैं। नयी-नयी समितियों से कुछ नहीं होगा।’’
उन्होंने प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘अगर ‘जेन जेड’ का भरोसा वापस जीतना चाहते हैं तो कैमरे के ऐंगल बदलने से कुछ नहीं होगा। प्रधानमंत्री को कैमरे का नहीं, दिल का ऐंगल बदलना पड़ेगा।’’
कांग्रेस नेता ने नये शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी का हवाला देते हुए एक टिप्पणी की, जिस पर सत्तापक्ष ने तीखा विरोध दर्ज कराया।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने आपत्ति जताते हुए कहा कि नये शिक्षा मंत्री के संबंध में की गई टिप्पणी चरित्र हनन है और बिना सत्यापन के इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रियंका गांधी अपने आरोपों को सत्यापित नहीं कर सकतीं तो उन्हें सदन से क्षमा मांगनी चाहिए।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि बिना तथ्यों के इस तरह की बातें सदन में नहीं कही जानी चाहिए।
वहीं केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रियंका गांधी वाद्रा इस तरह कोई भी आरोप लगाकर बच नहीं सकतीं।
उन्होंने मांग की कि कांग्रेस सांसद सदन से माफी मांगें और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
भाषा हक हक सुभाष
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