प्रियंका गांधी ने ‘एप्स्टीन फाइल्स’ में सामने आए नामों को लेकर ‘नैतिक जवाबदेही’ की मांग की

प्रियंका गांधी ने ‘एप्स्टीन फाइल्स’ में सामने आए नामों को लेकर ‘नैतिक जवाबदेही’ की मांग की

प्रियंका गांधी ने ‘एप्स्टीन फाइल्स’ में सामने आए नामों को लेकर ‘नैतिक जवाबदेही’ की मांग की
Modified Date: February 26, 2026 / 08:21 pm IST
Published Date: February 26, 2026 8:21 pm IST

वायनाड (केरल), 26 फरवरी (भाषा) कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने सार्वजनिक पद पर मौजूद उन लोगों से बृहस्पतिवार को “नैतिक जवाबदेही” तय करने की मांग की जिनके नाम ‘एप्स्टीन फाइल्स’ में आए हैं और आरोप लगाया कि भारत में ऐसी जवाबदेही का अभाव है।

वायनाड में पत्रकारों से बात करते हुए प्रियंका ने कहा कि दुनिया भर में, सार्वजनिक पद पर आसीन जिन लोगों के नाम ‘एप्स्टीन फाइलों’ में सामने आए हैं, उन्होंने इस्तीफा दे दिया है।

उनकी ये टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कांग्रेस केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग कर रही है, जिनका नाम अमेरिका में जारी ‘एप्स्टीन फाइल्स’ में सामने आया है।

उन्होंने कहा, “लेकिन यहां, हमारी सरकार को ऐसा नहीं लगता कि जनता के प्रति कोई नैतिक जवाबदेही है। नैतिक जवाबदेही नाम की कोई चीज होती है।”

उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी व्यक्ति का नाम ऐसी फाइलों में आता है, तो उस पर नैतिक जिम्मेदारी बनती है।

वाद्रा ने कहा, “सिर्फ नाम आने की बात नहीं है, बल्कि अगर आप लगातार ईमेल पर बातचीत कर रहे हैं, उस व्यक्ति की गतिविधियों से भली-भांति अवगत हैं, उससे बातचीत और मुलाकात कर रहे हैं, और साथ ही मंत्री पद पर हैं, तो देश की जनता के प्रति आपकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है।”

उन्होंने कहा कि दुनिया के अन्य हिस्सों में मंत्रियों और यहां तक ​​कि शाही परिवारों के सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया था या उनके खिलाफ जांच की गई थी और उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

कांग्रेस सांसद ने कहा, “लेकिन यहां, ऐसा लगता है कि लोगों के प्रति किसी जिम्मेदारी का कोई एहसास ही नहीं है। अगर आप किसी दोषी बाल यौन शोषणकर्ता और अपराधी से बातचीत कर रहे हैं, तो निश्चित रूप से कुछ जवाबदेही तो होनी ही चाहिए।”

‘एप्स्टीन फाइल्स’ से तात्पर्य अमेरिकी सरकार के पास मौजूद उन दस्तावेजों से है जो जेफरी एप्स्टीन से संबंधित हैं और जिनमें धनी, प्रमुख और प्रभावशाली व्यक्तियों के साथ उसके संबंधों का विवरण शामिल है।

बाद में एप्स्टीन को यौन अपराधों, विशेष रूप से नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया गया था।

जब उनसे केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज के केएसयू विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल होने के बारे में पूछा गया, तो प्रियंका ने कहा कि वह किसी भी प्रकार की हिंसा के पक्ष में नहीं हैं।

भूस्खलन से प्रभावित 170 से अधिक परिवारों को राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले घरों के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि लोगों को घर मिल रहे हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रक्रिया में तेजी लाई जानी चाहिए, जिसमें पीड़ितों के लिए कांग्रेस द्वारा घरों का निर्माण भी शामिल है।

उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए केंद्र से सहायता न मिलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “हमें केंद्र से लगभग कोई मदद नहीं मिली है, जो मुझे बेहद दुखद लगता है।”

उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग के बावजूद, लंबे प्रयासों के बाद ही भूस्खलन को गंभीर आपदा घोषित किया गया।

जुलाई 2024 में हुए इस भूस्खलन में 200 से अधिक लोगों की जान चली गई और सैकड़ों घर नष्ट हो गए।

केरल राज्य का नाम बदलकर केरलम किए जाने पर उन्होंने कहा कि बाकी लोगों की तरह उन्हें भी इसकी आदत पड़ रही है।

उन्होंने कहा, “मैं अक्सर केरल बोल देती हूं और फिर उसे सुधारकर केरलम कह देती हूं। मुझे इसकी आदत पड़ जाएगी।”

जब उनसे कांग्रेस सांसद द्वारा नाम परिवर्तन की आलोचना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी पार्टी के अन्य नेताओं द्वारा की गई टिप्पणियों की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, “यह सरकार का विशेषाधिकार है। हाल ही में कई नामों में बदलाव किया गया है।”

भाषा प्रशांत रंजन

रंजन


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