मोरबी हादसे की जांच उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत न्यायधीश के नेतृत्व में हो : खरगे

मोरबी हादसे की जांच उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत न्यायधीश के नेतृत्व में हो : खरगे

मोरबी हादसे की जांच उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत न्यायधीश के नेतृत्व में हो : खरगे
Modified Date: November 29, 2022 / 08:53 pm IST
Published Date: October 31, 2022 2:06 pm IST

नयी दिल्ली, 31 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुजरात के मोरबी में पुल टूटने के कारण 100 से अधिक लोगों की मौत पर दुख जताते हुए सोमवार को कहा कि इस घटना की जांच उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय के किसी सेवानिवृत न्यायधीश के नेतृत्व में होनी चाहिए।

उन्होंने सवाल किया कि क्या कारण है कि मरम्मत के बाद खोले जाने के कुछ दिनों बाद ही यह पुल टूट गया?

मोरबी में मच्छु नदी पर बना करीब एक सदी पुराना पुल रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे टूट गया। इस पुल को चार दिन पहले मरम्मत के बाद फिर से जनता के लिए खोला गया था। पुल पर भारी भीड़ जमा हो गई थी।

खरगे ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘हम इस घटना पर दुख प्रकट करते हैं। पीड़ित परिवारो के प्रति हमारी गहरी संवेदना है।’

उन्होंने बताया कि कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता बचाव कार्य में सहयोग कर रहे हैं और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी वहां पहुंच रहे हैं।

खरगे ने कहा, ‘इस घटना की जांच होनी चाहिए। यह जांच उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत न्यायधीश के नेतृत्व में होनी चाहिए।’

उन्होंने यह भी कहा, ‘हम इस वक्त राजनीति नहीं करना चाहते, किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहते है। जांच की रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारी तय होगी।’

भाषा हक नरेश

नरेश


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