नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय बजट में घोषित ‘हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर’ में निवेश और इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रोत्साहन राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण कम करने के साथ ही संपर्क तथा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बजट को दूरदर्शी बताते हुए सिरसा ने कहा, ‘‘केंद्रीय बजट देश की आर्थिक यात्रा में एक नए दौर की शुरुआत करता है और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक दूरदर्शी दृष्टिकोण को दर्शाता है।’’
उन्होंने कहा कि यह प्रदूषण, संपर्क और समावेशी विकास जैसी प्रमुख चुनौतियों का समाधान करता है।
हरित आवागमन पहलों पर प्रकाश डालते हुए सिरसा ने कहा कि दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर सहित सात ‘हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर’ पर ध्यान केंद्रित करने के साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र के लिए 5,000 करोड़ रुपये का आवंटन राष्ट्रीय राजधानी में कार्बन उत्सर्जन को कम करने तथा वायु गुणवत्ता में सुधार करने में महत्वपूर्ण रूप से मदद करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘यह बजट दिल्ली के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करेगा।’’
सिरसा ने कहा कि केंद्र ने दिल्ली की सार्वजनिक उधार लेने की सीमा को बढ़ाकर 21,000 करोड़ रुपये कर दिया है, जिससे राजधानी में बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाने में मदद मिलेगी।
केंद्रीय बजट की सराहना करते हुए सिरसा ने कहा कि 100 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ महिलाओं के नेतृत्व वाले किसान उत्पादक संगठनों को पहली बार बाजारों से जोड़ा जाएगा।
महिला केंद्रित पहलों के बारे में बात करते हुए सिरसा ने कहा कि महिलाओं के बजट में 11 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जबकि देश भर के शहरों में लड़कियों के छात्रावास खोलने के लिए 10,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिला उद्यमियों को पांच लाख करोड़ रुपये की योजनाओं के माध्यम से सहायता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘लखपति दीदी 2.0 योजना के तहत, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं बिना किसी गारंटी के पांच लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकेंगी।’’
भाषा यासिर वैभव
वैभव