Public Examinations Amendment Bill : अब पेपर लीक करने वालों की खैर नहीं! संसद में आज पेश होगा पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल, जानिए नए कानून की पूरी डिटेल

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प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार आज लोकसभा में 'पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल' पेश करेगी। प्रस्तावित संशोधन में दोषियों के लिए कड़ी सजा, भारी जुर्माना और फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे सख्त प्रावधान शामिल हैं।

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  • Publish Date - July 27, 2026 / 07:33 AM IST,
    Updated On - July 27, 2026 / 07:38 AM IST

Public Examinations Amendment Bill

HIGHLIGHTS
  • आज लोकसभा में 'पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल' पेश किया जाएगा।
  • प्रस्तावित संशोधन में पेपर लीक के दोषियों के लिए 5 से 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
  • मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और समयबद्ध ट्रायल का प्रस्ताव रखा गया है।

नई दिल्ली : Public Examinations Amendment Bill :  संसद के मानसून सत्र में आज 27 जुलाई का दिन काफी अहम होने जा रहा है, जहाँ देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली की बढ़ती घटनाओं पर नकेल कसने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह से तैयार है। इसी कड़ी में आज केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह लोकसभा में ‘पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल’ पेश करेंगे, जिसके तहत ‘पब्लिक एग्जामिनेशंस एक्ट, 2024’ में बदलाव का प्रस्ताव रखा जाएगा। यह विधेयक पेपर लीक जैसी धांधलियों को रोकने और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लाया गया एक अत्यंत सख्त कानून है।

कल पीएम मोदी ने वीडियो में बताई थी बिल की बात

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल एक वीडियो संदेश जारी कर स्पष्ट किया कि सरकार के लिए परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों का हित सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जा रही है। अपने इसी संदेश के दौरान उन्होंने जानकारी दी थी कि पेपर लीक और परीक्षा धांधली पर नकेल कसने के लिए आज संसद में नया संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा।

नए संशोधन विधेयक में क्या-क्या होंगे कड़े प्रावधान?

Paper Leak Law in India आपको बता दें कि इस नए संशोधन विधेयक के तहत पेपर लीक और परीक्षा धांधली को रोकने के लिए अत्यंत सख्त कानूनी कदम उठाए गए हैं, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित प्रावधान शामिल हैं:

  • कड़ी सजा और भारी जुर्माना: पेपर लीक के दोषियों को अब 5 से 10 साल तक की जेल होगी और उन पर 10 करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
  • गैर-जमानती अपराध: मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी।
  • कोचिंग संस्थानों पर ताला: अगर किसी कोचिंग संस्थान या शिक्षक की भूमिका धांधली में पाई जाती है, तो उस संस्थान को तुरंत बंद कर दिया जाएगा।
  • दोषी कर्मचारियों/पेपर सेटर्स पर आजीवन प्रतिबंध: यदि पेपर सेट करने वाला या परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ा कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसे पूरी परीक्षा प्रणाली (सिस्टम) से आजीवन बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।
  • फास्ट ट्रैक कोर्ट और समयबद्ध सुनवाई: मामलों के त्वरित निपटारे के लिए हर राज्य में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, जहां रोजाना सुनवाई होगी और 3 महीने के भीतर ट्रायल पूरा करना अनिवार्य होगा।

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