चंडीगढ़, 22 जून (भाषा) पंजाब के मंत्रिमंडल ने सोमवार को एक अध्यादेश को मंजूरी दे दी, जिसके तहत निजी स्कूलों द्वारा फीस में की जाने वाली वार्षिक वृद्धि को अधिकतम पांच प्रतिशत तक सीमित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने संवाददाताओं को बताया कि निजी स्कूलों को फीस में केवल पांच प्रतिशत की वार्षिक दर से वृद्धि की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में अध्यादेश राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने अधिक जानकारी देते हुए कहा कि यह भी निर्णय लिया गया है कि यदि किसी स्कूल ने पिछले तीन वर्षों में फीस में 15 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की है, तो 15 प्रतिशत से अधिक वसूली गई राशि अभिभावकों को वापस करनी होगी।
बैंस ने कहा कि यदि कोई स्कूल फीस में पांच प्रतिशत से अधिक वृद्धि करना चाहता है, तो उसकी मांग की जांच एक समिति करेगी, जिसकी अध्यक्षता संभागीय आयुक्त (डिविजनल कमिश्नर) करेंगे।
उन्होंने बताया कि स्कूल को पांच प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाने के कारणों का विस्तृत ब्योरा देना होगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि समिति के पास स्कूल की मांग को स्वीकार या अस्वीकार करने का अधिकार होगा।
मुख्यमंत्री मान ने तीन जून को घोषणा की थी कि स्कूल फीस में वृद्धि को अधिकतम पांच प्रतिशत प्रतिवर्ष तक सीमित किया जाएगा।
उन्होंने कहा था कि पांच प्रतिशत की यह सीमा केवल ट्यूशन फीस पर ही नहीं, बल्कि स्कूलों द्वारा वसूले जाने वाले सभी अनिवार्य शुल्कों और निधियों (फंड) पर भी लागू होगी।
भाषा रविकांत दिलीप
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