Reported By: Niharika sharma
,Shishukunj School Indore Food Poisoning / Image Source : AI GENERATED
इंदौर : Shishukunj School Indore Food Poisoning : मध्य प्रदेश के इंदौर के झलारिया स्थित शिशुकुंज स्कूल में बच्चों के बीमार होने के मामले ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। योग दिवस के मौके पर स्कूल में दिए गए भोजन या पानी से बच्चों की तबीयत बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। कई बच्चों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के बाद यह मामला और तूल पकड़ने लगा। हालांकि स्कूल प्रबंधन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
इंदौर के प्रतिष्ठित शिशुकुंज स्कूल के जूनियर विंग में शनिवार को योग दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को भोजन परोसा गया, जिसमें राजमा, रोटी, चावल और चोलाई की सब्जी शामिल थी। लेकिन करीब 48 घंटों के बाद यानी आज सुबह से कुछ बच्चों की तबीयत खराब होने की शिकायतें सामने आने लगीं। केजी से चौथी कक्षा तक के कई बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और बेचैनी की शिकायत हुई। रविवार और सोमवार को बड़ी संख्या में अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन से संपर्क कर बच्चों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी दी।
इस मामले के सामने आने के बाद सोमवार को स्कूल परिसर में अभिभावकों ने हंगामा किया और भोजन व पानी की गुणवत्ता की जांच की मांग की। कई अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के बीमार होने के पीछे स्कूल में दिया गया भोजन या पानी जिम्मेदार हो सकता है। वहीं एहतियात के तौर पर आज केजी से चौथी तक के कई छात्र स्कूल नहीं पहुंचे। शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम स्कूल पहुंची और जांच शुरू की।
अधिकारियों ने स्कूल की रसोई, पानी की व्यवस्था और खाद्य सामग्री का निरीक्षण किया। भोजन और पानी के नमूने लेकर उन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
स्कूल प्रशासन का कहना है कि बच्चों को हर दिन ताजा भोजन परोसा जाता है और गुणवत्ता के सभी मानकों का पालन किया जाता है। जूनियर विंग की हेडमिस्ट्रेस ऋचा तिवारी के मुताबिक शनिवार को बच्चों को राजमा, रोटी, चावल और चोलाई की सब्जी दी गई थी। स्कूल के पास भोजन की गुणवत्ता और ताजगी से जुड़े सभी रिकॉर्ड और प्रमाण मौजूद हैं। स्कूल प्रशासन के अनुसार शुरुआत में कुछ अभिभावकों के ई-मेल प्राप्त हुए थे। पहले करीब 35 शिकायतें सामने आईं, लेकिन बाद में शिकायतों की संख्या बढ़कर 100 से अधिक हो गई।
इसके बाद स्कूल ने भी अपने स्तर पर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। प्रबंधन का कहना है कि जब तक लैब रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती, तब तक यह कहना सही नहीं होगा कि बच्चों की तबीयत भोजन या पानी की वजह से बिगड़ी है। स्कूल ने अभिभावकों से अपील की है कि जिन बच्चों की तबीयत ठीक नहीं है, उन्हें पूरी तरह स्वस्थ होने तक स्कूल न भेजें। फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे अहम इंतजार जांच रिपोर्ट का है। खाद्य सुरक्षा विभाग के सैंपल और स्कूल प्रशासन की आंतरिक जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि बच्चों के बीमार होने की असली वजह क्या थी। तब तक अभिभावकों की चिंता और स्कूल प्रशासन की सफाई, दोनों ही चर्चा का विषय बने हुए हैं।