पंजाब के भाजपा नेता ने सिख गुरु पर आतिशी की टिप्पणी को लेकर आप सरकार पर निशाना साधा
पंजाब के भाजपा नेता ने सिख गुरु पर आतिशी की टिप्पणी को लेकर आप सरकार पर निशाना साधा
चंडीगढ़, 17 जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने शनिवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सिख गुरु तेग बहादुर के खिलाफ दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी की कथित टिप्पणियों वाले वीडियो की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट से यह साबित हो गया है कि वीडियो क्लिप असली थी और उसमें कोई छेड़छाड़ नहीं की गई थी।
उनकी यह टिप्पणी दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि विपक्ष की नेता आतिशी द्वारा सिख गुरु का अपमान करने वाली कथित टिप्पणियों से संबंधित वीडियो की सत्यता पर एक फॉरेंसिक रिपोर्ट में कहा गया है कि क्लिप मूल है और इसमें कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।
एक बयान में शर्मा ने कहा कि जब राज्य सरकार के पास मूल वीडियो ही नहीं है तो वीडियो को फर्जी बताने का उसके पास कोई नैतिक या तथ्यात्मक आधार नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार बिना किसी विश्वसनीय सबूत के इतने संवेदनशील धार्मिक मुद्दे पर जनता को कैसे गुमराह कर सकती है।
आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाते हुए शर्मा ने कहा कि सिख गुरुओं के लिए कथित तौर पर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने वाली आतिशी को संरक्षण देकर मान और उनके मंत्रिमंडल के मंत्री स्वयं गुरुओं के प्रति अनादर के इस कृत्य में भागीदार बन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा (जिसके पास घटना का मूल वीडियो था) ने विपक्ष की मांग पर सर्वसम्मति से फॉरेंसिक जांच कराई और रिपोर्ट ने निर्णायक रूप से साबित कर दिया कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ नहीं की गई थी।
शर्मा ने आरोप लगाया कि ‘‘सच्चाई’’ सामने आने के बावजूद मुख्यमंत्री मान और उनके मंत्रिमंडल के मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी का बचाव करना जारी रखे हुए हैं, जिससे सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंच रही है।
उन्होंने कहा कि उनका संरक्षण करके आप नेता स्वयं गुरु साहब का अपमान करने के पाप में भागीदार हो रहे हैं।
शर्मा ने कहा कि आम आदमी पार्टी धार्मिक मुद्दों पर दोहरा मापदंड अपना रही है, जिसे पंजाब की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने मांग की कि आतिशी को अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और पंजाब सरकार को इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
इससे पहले जालंधर पुलिस ने दावा किया था कि वीडियो में मौजूद सामग्री और सबटाइटल से ‘छेड़छाड़’ किए गए थे। इससे पहले वीडियो क्लिप की जांच एसएएस नगर स्थित फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में की गई थी।
इस बीच पंजाब भाजपा प्रमुख सुनील जाखड़ ने शनिवार को कहा कि वीडियो की फॉरेंसिक जांच के बाद दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष ने कहा है कि वीडियो के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।
जाखड़ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि इन तथ्यों के सामने आने के बाद पंजाब पुलिस द्वारा की गई फॉरेंसिक जांच स्वतः ही संदेह के घेरे में आ गई, क्योंकि पंजाब पुलिस ने दावा किया था कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी।
इस बीच, पंजाब की आम आदमी पार्टी ईकाई के अध्यक्ष अमन अरोरा ने विपक्षी नेताओं की निंदा करते हुए कहा कि वे छेड़छाड़ किए गए वीडियो से संबंधित मामले में अदालत द्वारा पहले ही स्पष्ट रूप से दर्ज किए गए फॉरेंसिक निष्कर्ष पर संदेह जताकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
अरोरा ने कहा कि यह मुद्दा राजनीतिक असहमति से कहीं आगे बढ़ गया है और अब यह न्यायिक आदेश को सीधी चुनौती देने के बराबर है।
उन्होंने कहा कि राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला द्वारा प्रस्तुत फॉरेंसिक रिपोर्ट की जांच करने के बाद अदालत ने स्पष्ट रूप से दर्ज किया कि वायरल वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी और कथित अपमानजनक शब्द मूल ऑडियो में मौजूद नहीं था।
इस निष्कर्ष के आधार पर अदालत ने वीडियो को हटाने और सभी सोशल मीडिया मंच पर ब्लॉक करने का आदेश दिया।
अरोरा ने कहा, ‘अदालत के समक्ष प्रस्तुत फॉरेंसिक निष्कर्षों पर सवाल उठाना किसी राजनीतिक दल या सरकार पर सवाल उठाना नहीं है। यह अदालत द्वारा दर्ज किए गए निष्कर्ष पर सवाल उठाना है।’
भाषा
शुभम सुरेश
सुरेश

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