पंजाब: सतर्कता विभाग से जुड़े 13 लाख रुपये के रिश्वत मामले में सीबीआई ने तीन को किया गिरफ्तार
पंजाब: सतर्कता विभाग से जुड़े 13 लाख रुपये के रिश्वत मामले में सीबीआई ने तीन को किया गिरफ्तार
नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 13 लाख रुपये के रिश्वत मामले में कार्रवाई करते हुए पंजाब के मोहाली स्थित सतर्कता विभाग कार्यालय में देर रात छापेमारी की। इस दौरान गिरफ्तारी के डर से भाग रहे तीन आरोपियों को पीछा करते हुए पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में दो बिचौलिए और एक अन्य व्यक्ति शामिल है। जांच में इस मामले के तार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े पाए गए हैं।
सीबीआई ने यह कार्रवाई पंजाब के एक राज्य कर अधिकारी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने के बाद की।
शिकायतकर्ता ने विकास गोयल और उनके बेटे राघव गोयल पर आरोप लगाया था कि उन्होंने महानिदेशक (डीजीपी सतर्कता), पंजाब के कार्यालय में उनके खिलाफ लंबित एक शिकायत को बंद कराने के बदले 20 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘यह आरोप लगाया गया था कि दोनों आरोपी डीजीपी सतर्कता (पंजाब) के रीडर सहित वरिष्ठ सतर्कता अधिकारियों के लिए मध्यस्थ के रूप में काम कर रहे थे। वे शिकायतकर्ता को आश्वासन दे रहे थे कि उनके प्रभाव से मामला सुलझा लिया जाएगा। महानिदेशक सतर्कता के रीडर ओ.पी. राणा ने भी रिश्वत दिए जाने पर शिकायत को बंद करने का भरोसा दिया था।’
प्रवक्ता ने बताया कि प्राथमिक जांच में साजिश में राणा की संलिप्तता सामने आई है।
बयान के मुताबिक, बातचीत के दौरान आरोपियों ने मांग को 20 लाख रुपये से घटाकर 13 लाख रुपये कर दिया और साथ ही राणा के लिए एक सैमसंग गैलेक्सी ‘जेड’ फोल्ड7 मोबाइल फोन की भी मांग की।
रिश्वत के लेन-देन की पुष्टि होने के बाद सीबीआई ने चंडीगढ़ में छापा मारा, जहां आरोपियों के सहयोगी अंकित वाधवा को उनकी ओर से 13 लाख रुपये और मोबाइल फोन स्वीकार करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
इस कार्रवाई के दौरान रिश्वत के पैसे और फोन भी बरामद कर लिए गए।
घटनाक्रम के दौरान, वहां निगरानी के लिए तैनात अपने सुरक्षाकर्मियों से सूचना मिलने के बाद राघव गोयल, विकास गोयल और राणा मौके से भाग निकले।
इसके बाद सीबीआई के दल ने उनका पीछा शुरू किया और पंजाब-हरियाणा सीमा पर अंबाला के पास राघव और विकास को पकड़़ लिया। सीबीआई ने उनके दो सुरक्षाकर्मियों को भी हिरासत में लिया।
हालांकि, डीजीपी सतर्कता के रीडर राणा अब भी फरार हैं और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि मलोट में गोयल के और चंडीगढ़ में राणा के आवासीय परिसरों की तलाशी के दौरान नौ लाख रुपये नकद और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए। सीबीआई की जांच में राणा और गोयल के बीच लंबित सतर्कता मामलों से संबंधित ‘संवेदनशील जानकारी’ के आदान-प्रदान का भी खुलासा हुआ है।
प्रवक्ता ने कहा, ‘इस बड़ी साजिश की जांच की जा रही है। आरोपियों को आधिकारिक तौर पर पुलिस की सुरक्षा दी गयी थी। आरोपियों के साथ एके-47 राइफल से लैस पुलिसकर्मियों की तैनाती और उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।’
भाषा सुमित अविनाश
अविनाश

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